स्कूलों को सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें पीने का पानी, शौचालय, साफ-सुथरी खाली जगह, कंप्यूटर, इंटरनेट, पुस्तकालय, और खेलने-कूदने की व्यवस्था होगी। लड़का हो या लड़की सभी को बराबर अधिकार मिलेगा। शिक्षकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य के मानदंडों को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे वे अपने साथ बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें।
मदद के लिए पूरी टीम
शिक्षक की मदद के लिए काउंसलर, सामाजिक कार्यकर्ताओं, तकनीकी जानकारों की टीम होंगे। शिक्षक अभिभावकों के साथ स्कूल के संचालन में मदद करने वालों के संपर्क में रहेंगे जिससे बुनियादी सुविधाओं को समय के साथ बेहतर किया जा सके।
स्थानीय स्तर पर मास्टर इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति
स्थानीय स्तर पर मास्टर इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति करनी होगी। ये लोग बच्चों को स्थानीय स्तर पर कला, कृषि और दूसरी ऐसी कोई तकनीक जो स्थानीय स्तर पर मशहूर हो उसके बारे में शिक्षित करेंगे, जिससे वो भविष्य में रोजगार का साधन बन सकती है। सभी विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति स्कूल में हो इसके लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित निगरानी करनी होगी। शिक्षकों का संकट नहीं होना चाहिए।
खुद को भी तराशने का मौका
शिक्षकों के पास स्थानीय, क्षेत्रीय, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं में भाग लेकर नया सीखने और बच्चों को सिखाने का पूरा मौका होगा। कॉन्टीनुअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट के तहत हर शिक्षक के पास एक साल में 50 घंटे के प्रशिक्षण में शामिल होने का अनुभव होना चाहिए। ऑनलाइन टीचर डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षक अपनी सलाह दे सकते हैं।