NEET UG Counselling 2025: एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग में दाखिले के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी 2025 की काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज, 21 जुलाई से शुरू कर दी है। राउंड-1 की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई से 28 जुलाई तक किए जा सकते हैं। नीट यूजी 2025 क्वालिफाइड उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
यह काउंसलिंग कुल चार चरणों (राउंड 1, 2, 3 और स्ट्रे वैकेंसी) में आयोजित की जाएगी। एमसीसी इस काउंसलिंग के माध्यम से 15% ऑल इंडिया कोटा सीटों के साथ-साथ एएमयू, बीएचयू, जेएमआई और ईएसआईसी की 100% सीटों पर भी दाखिले करता है।
राउंड 1 का सीट आवंटन 31 जुलाई को होगा घोषित
एमसीसी 22 जुलाई से 28 जुलाई तक उम्मीदवारों के लिए कोर्स और कॉलेजों की पसंद दर्ज करने के लिए ऑनलाइन लिंक प्रदान करेगा। उम्मीदवारों को अपने मेडिकल कोर्सेज और पसंदीदा कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर भरना होगा। चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 28 जुलाई को शाम 4 बजे से शुरू होकर रात 11:55 बजे तक जारी रहेगी। नीट यूजी राउंड 1 का सीट आवंटन 31 जुलाई को उम्मीदवारों द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर एमसीसी द्वारा घोषित किया जाएगा।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
नीट यूजी काउंसलिंग के समय जिन प्रमुख दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, वे इस प्रकार हैं:
- नीट यूजी स्कोरकार्ड
- परीक्षा का एडमिट कार्ड
- कक्षा 10वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
- कक्षा 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
- पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट)
- पासपोर्ट साइज की 8 फोटो
- प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- दिव्यांग प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
छात्रों को सलाह दी जाती है कि दस्तावेज स्कैन करते समय स्पष्ट और ओरिजिनल कॉपी ही अपलोड करें। फर्जी या अधूरे दस्तावेज मिलने पर काउंसलिंग में भाग नहीं लेने दिया जाएगा।
एमसीसी ने नीट यूजी काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया है। (NEET UG Counselling 2025)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
काउंसलिंग में होंगे तीन राउंड और एक स्ट्रे वैकेंसी राउंड
इस बार काउंसलिंग के लिए कुल तीन राउंड का आयोजन किया जाएगा। तीसरे राउंड के बाद एक स्ट्रे वैकेंसी राउंड का भी आयोजन होगा। इस प्रकार कुल मिलाकर चार राउंड होंगे।
काउंसलिंग का पूरा कार्यक्रम यहां देखें...
काउंसलिंग चरणों में शामिल हैं:
- रजिस्ट्रेशन और शुल्क भुगतान
- चॉइस फिलिंग और लॉकिंग
- सीट अलॉटमेंट
- रिपोर्टिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
इन सीटों पर मिलेगा प्रवेश
नीट काउंसलिंग के माध्यम से, एमसीसी राज्यों की 15% एआईक्यू सीटों, बीएचयू की 100% एमबीबीएस, बीडीएस सीटों, एम्स संस्थानों, जिपमर (पुडुचेरी/कराईकल) और अन्य सहभागी संस्थानों की 100% एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रदान करेगा।
काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीकरण, शुल्क भुगतान, विकल्प भरना और लॉक करना, सीट आवंटन की प्रक्रिया, सीट आवंटन परिणाम की घोषणा और रिपोर्टिंग शामिल होगी। छात्रों को उनकी नीट यूजी 2025 रैंक, नीट यूजी कट-ऑफ 2025, सीटों की उपलब्धता और उम्मीदवारों द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी।
देश में 1 लाख 18 हजार से अधिक मेडिकल सीट उपलब्ध
भारत में कुल 780 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए 1,18,190 सीटें उपलब्ध हैं। मेडिकल शिक्षा, मेडिकल पेशेवरों, संस्थानों और अनुसंधान की निगरानी करने वाली संस्था एनएमसी के अनुसार, सबसे अधिक एमबीबीएस सीटें कर्नाटक में हैं, जहां 12,545 सीटें उपलब्ध हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 12,475 सीटें हैं। तमिलनाडु में 12,050 और महाराष्ट्र में 11,846 एमबीबीएस सीटें हैं। तेलंगाना में 9,040, गुजरात में 7,250, आंध्र प्रदेश में 6,785, राजस्थान में 6,476, पश्चिम बंगाल में 5,676, मध्य प्रदेश में 5,200 और केरल में 4,905 सीटें हैं।
अन्य राज्यों में बिहार में 2,995, ओडिशा में 2,725, छत्तीसगढ़ में 2,255, हरियाणा में 2,185, पंजाब में 1,850, पुडुचेरी में 1,830, असम में 1,650, दिल्ली में 1,497 और उत्तराखंड में 1,400 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।
रजिस्ट्रेशन फीस
रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवारों को नॉन-रिफंडेबल फीस और रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि का भुगतान करना होगा। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के लिए सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को 1,000 रुपये, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग उम्मीदवारों को 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर देनी होगी।
रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि सामान्य और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 10,000 रुपये है, जबकि अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को 5,000 रुपये जमा करने होंगे। डीम्ड विश्वविद्यालयों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 5,000 रुपये निर्धारित है। इसके अलावा, आवेदकों को पंजीकरण के समय 2 लाख रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि भी जमा करनी होगी।