10 हजार दिव्यांग और 81 गंभीर बीमार अभ्यर्थी हुए शामिल
एजेंसी के मुताबिक 10 हजार से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे करीब 81 अभ्यर्थियों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई। इनमें एक अभ्यर्थी के साथ हाल ही में सड़क दुर्घटना भी हुई थी, जबकि एक अन्य अभ्यर्थी का कीमोथेरेपी का इलाज चल रहा था।
- परीक्षा में 10,000 से ज्यादा दिव्यांग (PwD) छात्र शामिल हुए, जिनके लिए हर जरूरी व्यवस्था की गई थी।
- गंभीर मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे करीब 81 छात्रों के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
सुरक्षा के किए गए थे पुख्ता इंतजाम
परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस के सहयोग से दो स्तर की सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) भी लागू की गई। एनटीए का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखना था।
- छात्रों की सही पहचान के लिए बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
- सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों और जैमर्स के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।
- राज्य पुलिस के सहयोग से परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा जांच (फ्रीस्किंग) की व्यवस्था की गई थी।