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NEET री-एग्जाम संपन्न: 20 लाख से अधिक ने दी परीक्षा, दिव्यांग-गंभीर बीमार छात्रों के लिए किए गए विशेष प्रबंध

Sun, 21 Jun 2026 07:33 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NEET UG 2026 Re-Exam Concludes: नीट पुनर्परीक्षा में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। एनटीए ने 10 हजार से ज्यादा दिव्यांग छात्रों और 81 गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे अभ्यर्थियों के लिए विशेष इंतजाम किए। आइए जानते हैं कि परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए।
 
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NEET Re-Exam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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NEET UG 2026 Re-Exam: आज नीट यूजी का देश और दुनिया भर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजन किया गया। इस दोबारा हुई परीक्षा में लाखों छात्र शामिल हुए। देश भर में कुल 5,440 और विदेशों में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित परीक्षा में करीब 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए।

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एनटीए ने कहा कि इस बार प्रश्नपत्र 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया था, जिनमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।

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10 हजार दिव्यांग और 81 गंभीर बीमार अभ्यर्थी हुए शामिल

एजेंसी के मुताबिक 10 हजार से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे करीब 81 अभ्यर्थियों के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई। इनमें एक अभ्यर्थी के साथ हाल ही में सड़क दुर्घटना भी हुई थी, जबकि एक अन्य अभ्यर्थी का कीमोथेरेपी का इलाज चल रहा था।
  • परीक्षा में 10,000 से ज्यादा दिव्यांग (PwD) छात्र शामिल हुए, जिनके लिए हर जरूरी व्यवस्था की गई थी।
  • गंभीर मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे करीब 81 छात्रों के लिए विशेष इंतजाम किए गए।

एनटीए ने कहा कि इन छात्रों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए, ताकि उनकी वर्षों की मेहनत प्रभावित न हो।

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सुरक्षा के किए गए थे पुख्ता इंतजाम

परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस के सहयोग से दो स्तर की सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) भी लागू की गई। एनटीए का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखना था।
  • छात्रों की सही पहचान के लिए बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
  • सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों और जैमर्स के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।
  • राज्य पुलिस के सहयोग से परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा जांच (फ्रीस्किंग) की व्यवस्था की गई थी।
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