परिवार के साथ आकांक्षा
- फोटो : Amar Ujala
परीक्षा की तारीख बढ़ाने के पक्ष में नहीं थी :
आकांक्षा ने कहा कि कोरोना काल में नीट परीक्षा आयोजित कराए जाने का देश भर में विरोध हो रहा था। हालांकि, विरोध करने वालों की अपनी चिंताएं थीं। लेकिन सच कहूं, तो मैं चाहती थी कि नीट की परीक्षा जल्द से जल्द आयोजित कराई जाए। बार-बार रिवीजन करना मुश्किल हो रहा था। कुछ भूल न जाऊं यह दबाव बना रहता था और फिर सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा कराए जाने के पक्ष में फैसला सुनाया, तब मैंने थोड़ी राहत महसूस की थी।
मेरा सपना रैंक लाना नहीं था :
नीट की दूसरी टॉपर ने कहा कि उनके और शोएब आफताब के अंक समान थे, लेकिन ट्राई ब्रेकर नीति के चलते मुझे दूसरे नंबर पर रखा गया। आकांक्षा ने कहा, ''टॉपर कोई एक ही बन सकता है। मेरा सपना रैंक नहीं दिल्ली एम्स में पढ़ने का था, जो पूरा हो जाएगा। मेरे लिए रैंक मैटर नहीं करती। रही नियमों की बात, तो बनाने वालों ने बहुत सोच-समझ कर बनाए हैं, अगर कभी बदलाव की जरूरत महसूस होगी, तो वे इसमें बदलाव करेंगे।''
माता पिता के साथ आकांक्षा
- फोटो : Amar Ujala
न्यूरो सर्जन बनना चाहती हैं आकांक्षा :
उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली एम्स मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर न्यूरो सर्जन बनना है। उसके बाद न्यूरो फील्ड में रिसर्च करनी है ताकि गरीबों की मदद कर सकूं।
अगर मौका मिला तो ग्रामीण क्षेत्र में सेवा दूंगी :
आकांक्षा ने बताया कि वह ग्रामीण परिवेश से आती हैं। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। अगर डॉक्टर बनने के बाद उन्हें ग्रामीण क्षेत्र या शहरी क्षेत्र में चुनने का मौका मिला, तो वह ग्रामीण क्षेत्र में डॉक्टर के तौर पर सेवाएं देना चुनेंगी।
डॉक्टर्स से अपील, अपने प्रोफेशन के साथ ईमानदारी बरतें :
आकांक्षा ने कहा, वह इस बात से अवगत हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों की हालत अच्छी नहीं है। दवाएं हैं, तो डॉक्टर नहीं। वह सरकारी अस्पतालों की हालत सुधारने के पक्ष में हैं। आकांक्षा ने सरकारी डॉक्टर्स से अपील की कि आप नोबेल प्रोफेशन में हैं। आपका कर्तव्य लोगों का इलाज करना है। मेरा आप लोगों से अनुरोध है कि अपने प्रोफेशन के साथ ईमानदारी बरतें। मरीजों के प्रति अपना फर्ज निभाएं।
फेवरिट लिस्ट में अरजीत सिंह :
पसंद-नापसंद के मुदृदे पर बात करते हुए आकांक्षा सिंह ने बताया कि भारत में उनकी पसंदीदा जगह अंडमान निकोबार है। यहां जाना और वक्त बिताना उनका सपना है। वह पढ़ाई के दौरान मूड फ्रेश करने के लिए गाने सुनती है। अरजीत सिंह के गाने उनकी फेवरिट लिस्ट में रहते है।
दबाब में न आएं, सेल्फ स्टडी करें :
तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आकांक्षा सिंह ने कहा कि मेहनत करें, सफलता जरूरी मिलेगी। अगर सफलता नहीं मिलती है, तो दोबारा प्रयास करें। कोचिंग के बिना भी परीक्षा पास की जा सकती है, इसलिए किसी तरह के दबाव में आए बिना सेल्फ स्टडी करें।