नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड के लिए मेडिकल कॉलेजों में संभावित सीट मैट्रिक्स का सत्यापन 10 अक्तूबर से शुरू होगा। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के कार्यक्रम के अनुसार, संस्थानों को 12 अक्तूबर 2026 तक सीटों से जुड़ी जानकारी की जांच और पुष्टि करनी होगी। इस प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों को पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए उपलब्ध सीटों की जानकारी मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों को अपनी सीटों और पाठ्यक्रमों से संबंधित विवरण ध्यान से जांचना होगा। उम्मीदवारों के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है, क्योंकि काउंसलिंग के दौरान कॉलेज और पाठ्यक्रम चुनने के लिए इसी जानकारी का इस्तेमाल किया जाएगा।
कॉलेजों को किन जानकारियों की जांच करनी होगी?
सीट मैट्रिक्स सत्यापन के दौरान भाग लेने वाले मेडिकल संस्थानों को कॉलेज का नाम, कोड, कुल सीटों की संख्या, अलग-अलग श्रेणियों में सीटों का ब्योरा और उपलब्ध पाठ्यक्रमों की जांच करनी होगी। इसके अलावा, सीटों और शुल्क से संबंधित विवरण में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर उसे निर्धारित समय के भीतर संबंधित प्राधिकरण के सामने उठाना होगा। संस्थानों को उपलब्ध सीटों की सही जानकारी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों को गलत विवरण के आधार पर विकल्प न चुनने पड़ें। सत्यापन और जरूरी सुधार पूरे होने के बाद अंतिम सीट मैट्रिक्स तैयार की जाएगी, जिसका इस्तेमाल रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया में होगा।
रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग कब होगी?
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान की प्रक्रिया 12 अक्तूबर से 21 अक्तूबर तक चलेगी। उम्मीदवार 13 अक्तूबर से 22 अक्तूबर 2026 तक कॉलेज और पाठ्यक्रम के विकल्प भर सकेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सीट आवंटन की प्रक्रिया 22 और 23 अक्तूबर को होगी, जबकि सीट अलॉटमेंट का परिणाम 24 अक्तूबर 2026 को घोषित किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे विकल्प भरते समय अपनी प्राथमिकताओं का ध्यान रखें और अंतिम समय-सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें। रजिस्ट्रेशन और काउंसलिंग से जुड़े आधिकारिक अपडेट के लिए MCC की वेबसाइट देखते रहें।
सीट अलॉटमेंट के बाद क्या करना होगा?
पहले राउंड में सीट आवंटित होने के बाद उम्मीदवारों को संबंधित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रिपोर्टिंग और दाखिले की प्रक्रिया 26 अक्तूबर से 2 नवंबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को आवंटित सीट स्वीकार करने से पहले संबंधित कॉलेज और पाठ्यक्रम की जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए। रिपोर्टिंग के दौरान जरूरी दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उम्मीदवारों को दस्तावेजों से संबंधित निर्देश आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर जांचने चाहिए। समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट नहीं करने पर दाखिले की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
नीट पीजी काउंसलिंग में कितने राउंड होंगे?
नीट पीजी 2026 की अखिल भारतीय कोटा काउंसलिंग में मेडिकल पीजी सीटों के आवंटन के लिए तीन नियमित राउंड और उसके बाद ऑनलाइन स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। काउंसलिंग के अलग-अलग चरणों में सीटों की उपलब्धता बदल सकती है, क्योंकि दाखिले पूरे होने के बाद खाली बची सीटों का विवरण अपडेट किया जाता है। इसलिए उम्मीदवारों को प्रत्येक राउंड से पहले संबंधित कॉलेज की उपलब्ध सीटों की जांच करनी चाहिए। विकल्प भरते समय कॉलेजों और पाठ्यक्रमों को अपनी पसंद के क्रम में रखना जरूरी है। उम्मीदवारों को काउंसलिंग की पात्रता, दस्तावेजों और अन्य शर्तों की पुष्टि MCC की आधिकारिक वेबसाइट से करनी चाहिए।