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नीट पीजी काउंसलिंग 2026: एमसीसी ने बदले नियम, पहले साल की फीस से किसे दी राहत? जानें पूरा विवरण

Mon, 26 Oct 2026 04:37 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में 50% एआईक्यू सीटों के लिए फीस भुगतान के नियमों में बदलाव किया गया है। सीट अपग्रेड का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को अपग्रेड का इंतजार करते समय पहले साल की फीस नहीं देनी होगी। सीट फ्रीज करने पर फीस संबंधित संस्थान में जमा करनी होगी।
 
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NBEMS - फोटो : freepik
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विस्तार
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मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के तहत पहले राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए अहम बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने 50% अखिल भारतीय कोटा (AIQ) सीटों के लिए पहले वर्ष की कोर्स फीस जमा करने से जुड़े नियम संशोधित किए हैं। नए नियमों के अनुसार, आगे के राउंड में सीट अपग्रेड कराने का विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को अपग्रेड का इंतजार करते समय पहले वर्ष की फीस जमा नहीं करनी होगी।

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वहीं, जो उम्मीदवार आवंटित सीट स्वीकार करके उसमें प्रवेश लेना चाहते हैं और अपग्रेड का विकल्प नहीं चुनते, उन्हें संबंधित एनबीईएमएस-मान्यता प्राप्त संस्थान या अस्पताल में पहले वर्ष की फीस जमा करनी होगी। यह फीस काउंसलिंग के दौरान एनबीईएमएस को नहीं, बल्कि संबंधित संस्थान को देनी होगी।

NEET PG 2026: फ्लोट और फ्रीज विकल्प पर फीस के नए नियम

विकल्प फीस भुगतान का नियम
फ्लोट/अपग्रेडेशन आगे के राउंड में सीट अपग्रेड होने का इंतजार करते समय पहले वर्ष की फीस जमा करना जरूरी नहीं
फ्रीज आवंटित सीट स्वीकार करके प्रवेश लेने पर पहले वर्ष की फीस संबंधित मान्यता प्राप्त संस्थान या अस्पताल में जमा करनी होगी
 

एनबीईएमएस ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि फ्लोट/अपग्रेडेशन विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों से पहले वर्ष की कोर्स फीस न वसूली जाए। फीस उस स्थिति में ली जाएगी, जब उम्मीदवार सीट स्वीकार करके उसमें प्रवेश लेता है।

NEET PG Round 1: कॉलेज रिपोर्टिंग की तारीखें

एमसीसी ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड का सीट आवंटन परिणाम घोषित कर दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले राउंड में 28,000 से अधिक स्नातकोत्तर मेडिकल सीटें आवंटित की गई हैं।

सीट पाने वाले उम्मीदवारों को 26 अक्तूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच आवंटित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। उम्मीदवारों को रिपोर्टिंग से पहले आवंटन पत्र और एमसीसी के आधिकारिक निर्देशों में दिए गए दस्तावेजों तथा प्रवेश संबंधी शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए।

सीट अपग्रेड होने पर ट्रेनिंग कब से मानी जाएगी?

एनबीईएमएस की सूचना के अनुसार, जो उम्मीदवार आवंटित सीट पर प्रवेश लेना चाहते हैं और अपग्रेड का विकल्प नहीं चुनते, उन्हें एमसीसी की ओर से निर्धारित रिपोर्टिंग समय सीमा के भीतर संबंधित एनबीईएमएस-मान्यता प्राप्त संस्थान में जॉइन करना होगा।

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यदि किसी उम्मीदवार को काउंसलिंग के अगले राउंड में अपग्रेडेड सीट मिलती है, तो उसकी ट्रेनिंग अवधि को नई, अपग्रेड की गई सीट पर जॉइन करने की तारीख से माना जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को फ्लोट और फ्रीज में से विकल्प चुनते समय अपनी प्राथमिकता, आवंटित कॉलेज और आगे के राउंड में भाग लेने की योजना को ध्यान में रखना चाहिए।

NBEMS का OPJR पोर्टल फिलहाल बंद रहेगा

एनबीईएमएस ने ऑनलाइन पोर्टल फॉर ज्वॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) को लेकर भी जानकारी दी है। यह पोर्टल नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के सभी राउंड पूरे होने तक बंद रहेगा। काउंसलिंग समाप्त होने के बाद पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। इसके माध्यम से उम्मीदवार और संबंधित अस्पताल या संस्थान जॉइनिंग की जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के बारे में एनबीईएमएस अलग से विस्तृत सूचना जारी करेगा।उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह

  • आवंटित सीट पर प्रवेश लेने से पहले फ्लोट और फ्रीज विकल्प के नियम समझ लें।
  • सीट फ्रीज करने पर पहले वर्ष की फीस संबंधित संस्थान में जमा करने के लिए तैयार रहें।
  • फ्लोट विकल्प चुनने पर फीस भुगतान और अपग्रेड प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
  • 26 अक्तूबर से 2 नवंबर 2026 की रिपोर्टिंग अवधि के भीतर आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट करें।
  • ओपीजेआर पोर्टल और जॉइनिंग दस्तावेजों से जुड़े नए अपडेट के लिए एमसीसी तथा एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखें।
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