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नीट पीजी काउंसलिंग 2026: ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा में क्या अंतर है? पंजीकरण करने से पहले जानें जरूरी बातें

Wed, 14 Oct 2026 06:00 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

नीट पीजी काउंसलिंग में ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा के तहत अलग-अलग सीटों पर दाखिला मिलता है। दोनों की पात्रता, काउंसलिंग प्रक्रिया और नियमों में अंतर होता है। जो भी अभ्यर्थी दाखिले के लिए काउंसलिंग में हिस्सा लेने जा रहे हैं, उन्हें पहले इन दोनों के बीच का अंतर समझ लेना चाहिए।
 
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NEET PG Counselling 2026 - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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नीट पीजी काउंसलिंग 2026 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले चरण के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 12 अक्तूबर से शुरू हुई। काउंसलिंग कुल चार चरणों में आयोजित की जाएगी। काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा की सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। उम्मीदवार अपनी रैंक, पसंदीदा कॉलेज, राज्य से जुड़ी पात्रता और उपलब्ध सीटों के आधार पर दोनों विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, पहले दोनों को समझना जरूरी है।

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ऑल इंडिया कोटा (AIQ) क्या है?

नीट पीजी काउंसलिंग में ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत शामिल मेडिकल कॉलेजों की निर्धारित सीटों पर देशभर के पात्र उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इन सीटों के लिए काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) आयोजित करती है। इसमें उम्मीदवार अपनी रैंक, पात्रता और पसंद के आधार पर कॉलेज व कोर्स चुनते हैं।

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स्टेट कोटा (State Quota) क्या है?

स्टेट कोटा के तहत संबंधित राज्य के मेडिकल कॉलेजों में निर्धारित सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इसकी काउंसलिंग आमतौर पर राज्य की नामित काउंसलिंग अथॉरिटी आयोजित करती है। इसमें राज्य के नियमों के अनुसार निवास, शैक्षणिक पृष्ठभूमि या अन्य पात्रता शर्तें लागू हो सकती हैं। ये नियम हर राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं।

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दोनों की काउंसलिंग प्रक्रिया में क्या अंतर है?

ऑल इंडिया कोटा की काउंसलिंग के लिए उम्मीदवारों को एमसीसी के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, जबकि स्टेट कोटा के लिए संबंधित राज्य के पोर्टल पर आवेदन करना पड़ता है। दोनों प्रक्रियाओं की तारीखें, कॉलेजों की सूची, दस्तावेजों की शर्तें और चॉइस फिलिंग के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को संबंधित आधिकारिक नोटिस ध्यान से पढ़ना चाहिए।

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सीटों और पात्रता के नियम कैसे अलग हैं?

ऑल इंडिया कोटा में उम्मीदवारों को देशभर के शामिल संस्थानों के विकल्प मिल सकते हैं, जबकि स्टेट कोटा के विकल्प संबंधित राज्य की सीटों और पात्रता नियमों पर निर्भर करते हैं। आरक्षण और सीटों का वितरण भी संबंधित नियमों के अनुसार होता है। हर कॉलेज और कोर्स के लिए पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है, क्योंकि सभी सीटों पर सभी उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते।

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आपको किस कोटे में आवेदन करना चाहिए?

उम्मीदवार अपनी रैंक, पसंदीदा कॉलेज, राज्य से जुड़ी पात्रता और उपलब्ध सीटों के आधार पर दोनों विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। जहां नियम अनुमति दें, वहां ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा की काउंसलिंग में अलग-अलग आवेदन करना पड़ सकता है। आवेदन से पहले एमसीसी और संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर पात्रता, जरूरी दस्तावेज, काउंसलिंग शेड्यूल और सीट आवंटन के नियम जरूर चेक करें।
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