नीट पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। अब एनटीए ऑफिस की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को दी जाएगी। इसके साथ ही ऑफिस के कॉन्फिडेंशियल और संवेदनशील इलाकों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा व्यवस्था और एनटीए की सुरक्षा को लेकर कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपना कामकाज नए कार्यालय में शिफ्ट कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, अब नए ऑफिस के ‘कॉन्फिडेंशियल एरिया’ यानी गोपनीय हिस्सों की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF को दी जाएगी।
यह फैसला इस साल NEET-UG का प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के बाद लिया गया है। पेपर लीक के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
प्रधान के इस्तीफे के अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की थी। इसका मकसद परीक्षा प्रणाली को पेपर लीक जैसी घटनाओं से सुरक्षित बनाना था। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। हालांकि, पैनल ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
CBI की चार्जशीट में तीन विषय विशेषज्ञों को पेपर लीक का मुख्य स्रोत बताया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, NTA के कॉन्फिडेंशियल सेक्शन में विशेषज्ञों की एंट्री और बाहर निकलने के समय उनकी जांच या तलाशी नहीं होती थी। आरोप है कि इसी वजह से विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी छोटी-छोटी पर्चियों पर नोट करने का मौका मिल जाता था। उन्हें रफ काम और अनुवाद के लिए सादी शीट दी जाती थी।
शिक्षा मंत्रालय ने 2017 में निष्पक्ष, पारदर्शी और एक जैसी परीक्षा व्यवस्था के लिए NTA की स्थापना की थी। एजेंसी अब तक दिल्ली के ओखला स्थित अपने कार्यालय से काम कर रही थी।