जानिए नीट-जेईई परीक्षा विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?
एक तरफ, विश्वविद्यालयों के 150 से ज्यादा शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि जेईई-नीट परीक्षाओं में देरी से छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।दूसरी तरफ, विपक्ष शासित सूबों के सात मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। द्रमुक और आम आदमी पार्टी ने भी कोरोना संकट के समय इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग का समर्थन किया है।
ममता बनर्जी और नवीन पटनायक पहले से ही परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी परीक्षाओं को स्थगित करने का समर्थन किया और कहा कि सितंबर में कोरोना वायरस के मामले और बढ़ सकते हैं, ऐसी स्थिति में परीक्षाएं कैसे कराई जा सकती हैं? जबकि,दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, लखनऊ विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू, आईआईटी दिल्ली आदि के कई शिक्षाविद परीक्षाओं को कराने के समर्थन में हैं।
इसे भी पढ़ें-NEET, JEE परीक्षा: यहां 500 किमी दूर हैं परीक्षा केंद्र, ट्रेन-बसों का परिचालन है बंद, कैसे पहुंचेंगे गरीब छात्र
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नीट और जेईई की परीक्षाएं स्थगित करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से छात्रों के चयन के लिये वैकल्पिक पद्धति पर काम करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने जेईई और नीट परीक्षाओं के आयोजन के विरोध में बुधवार को अनिश्चितकाल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी भी जेईई और नीट परीक्षाओं का विरोध कर रहे हैं।