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NEET-JEE EXAM 2020: शाम 5 बजे 'अमरउजालाडॉटकॉम' पर छात्र-शिक्षाविद रखेंगे नीट-जेईई पर विचार

Thu, 27 Aug 2020 12:32 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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NEET-JEE EXAM 2020: नीट और जेईई प्रवेश परीक्षाओं को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों के एक वर्ग के साथ ही विपक्षी पार्टियां भी इन प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन का विरोध कर रही हैं। जबकि, सरकार साफ कह चुकी है कि ये प्रवेश परीक्षाएं तय शेड्यूल से ही होंगी। मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली इन परीक्षाओं को एक तरफ छात्रों के भविष्य के लिए तय तारीख पर होना जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विरोध करने वालों के साथ ही छात्र भी इन परीक्षाओं को लेकर अपनी मुश्किलें गिना रहे हैं।

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ऐसे में 'अमरउजालाडॉटकॉम' शाम पांच बजे छात्रों और शिक्षाविदों को लेकर नीट-जईई परीक्षा पर डिबेट शो का आयोजन कर रहा है। जिसमें देश के विभिन्न इलाकों से शामिल होने वाले छात्र इन परीक्षाओं को लेकर अपने विचार रखेंगे और शिक्षाविद छात्रों की समस्याओं को सुनने के साथ ही परीक्षाओं के आयोजन पर अपनी राय रखेंगे। दरअसल, नीट व जेईई परीक्षाओं को लेकर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की राय बंटी हुई है। जहां एक तरफ बाढ़ ग्रसित राज्यों के छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होने को लेकर अपनी समस्याओं को गिना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई छात्र ऐसे भी हैं, जो चाहते हैं कि ये परीक्षाएं पहले से ही विलंब हो चुकी हैं और अगर फिर से स्थगित की गई, तो विद्यार्थियों का एक पूरा साल प्रभावित हो जाएगा। 

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'अमर उजाला' पर यूपी, बिहार और उत्तराखंड आदि राज्यों के छात्र नीट व जेईई परीक्षाओं को लेकर अपनी राय रखेंगे। इस लाइव डिबेट के दौरान इन परीक्षाओं को देने वाले छात्र फेसबुक कमेंट के जरिए अपने सवाल पूछ सकते हैं और परीक्षाओं को लेकर अपना विचार भी रख सकते हैं। इस शो में कई शिक्षाविद इस पूरे मसले पर चर्चा करेंगे और परीक्षाओं का आयोजन व स्थगन विद्यार्थियों के भविष्य पर क्या प्रभाव डालेगा इस पर चर्चा करेंगे।
 

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जानिए नीट-जेईई परीक्षा विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?
एक तरफ, विश्वविद्यालयों के 150 से ज्यादा शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि जेईई-नीट परीक्षाओं में देरी से छात्रों का भविष्य  प्रभावित होगा।दूसरी तरफ, विपक्ष शासित सूबों के सात मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। द्रमुक और आम आदमी पार्टी ने भी कोरोना संकट के समय इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग का समर्थन किया है।

ममता बनर्जी और नवीन पटनायक पहले से ही परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी परीक्षाओं को स्थगित करने का समर्थन किया और कहा कि सितंबर में कोरोना वायरस के मामले और बढ़ सकते हैं, ऐसी स्थिति में परीक्षाएं कैसे कराई जा सकती हैं? जबकि,दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, लखनऊ विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू, आईआईटी दिल्ली आदि के कई शिक्षाविद परीक्षाओं को कराने के समर्थन में हैं।

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दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नीट और जेईई की परीक्षाएं स्थगित करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से छात्रों के चयन के लिये वैकल्पिक पद्धति पर काम करने का अनुरोध किया है। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने जेईई और नीट परीक्षाओं के आयोजन के विरोध में बुधवार को अनिश्चितकाल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी भी जेईई और नीट परीक्षाओं का विरोध कर रहे हैं।
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