इससे पहले यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि उनकी ओर से सीबीएसई को ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है कि वह नीट-2018 परीक्षा के पंजीकरण के लिए आधार को अनिवार्य करें।
अटॉर्नी जनरल ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर, मेघालय और असम की तरह अन्य प्रांतों के अभ्यर्थी भी पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड आदि के जरिए नीट-2018 परीक्षा के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।
एआईडीएआई ने अपना पक्ष उस याचिका पर दिया जिसमें नीट-2018 परीक्षा में पंजीकरण कराने के लिए आधार को अनिवार्य करने के सीबीएसई के फैसले को चुनौती दी गई थी। इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई थी।