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NCERT: पायरेटेड सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा एनसीईआरटी, ईमेल के माध्यम से मांगी जानकारी

Thu, 25 Jun 2026 10:03 AM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NCERT Fake Textbooks: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने नकली पाठ्यपुस्तकों के प्रसार को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चेतावनी जारी की है। परिषद ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की एक फर्जी पुस्तक के संबंध में सतर्क रहने को कहा है।
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NCERT - फोटो : AI
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विस्तार
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NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को नकली पाठ्यपुस्तकों से सावधान रहने की सलाह दी है। परिषद का कहना है कि उसकी किताबों के पायरेटेड और अनधिकृत संस्करण बाजार के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों पर भी तेजी से फैल रहे हैं, जिससे छात्रों को गलत जानकारी मिल सकती है।

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एनसीईआरटी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की एक पुस्तक फर्जी है। परिषद ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से उपलब्ध एनसीईआरटी पुस्तकों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध सामग्री पर भरोसा न करें।

केवल आधिकारिक NCERT पुस्तकों का ही करें उपयोग

  • NCERT ने स्पष्ट किया है कि उसकी सभी पाठ्यपुस्तकें केवल परिषद के आधिकारिक माध्यमों से ही प्रकाशित और जारी की जाती हैं। किसी भी नई पुस्तक को आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले प्रिंट, शेयर या प्रसारित करने की अनुमति नहीं होती। इसलिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को केवल NCERT के आधिकारिक स्रोतों से उपलब्ध पुस्तकों पर ही भरोसा करना चाहिए।
  • परिषद के अनुसार, सोशल मीडिया या अन्य अनौपचारिक स्रोतों से प्रसारित की जा रही सामग्री गलत, अधूरी, बदली हुई या पूरी तरह से मनगढ़ंत हो सकती है। ऐसी सामग्री पर भरोसा करने से छात्रों को गलत जानकारी मिल सकती है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसी भी वायरल पुस्तक या सामग्री का उपयोग करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
  • NCERT ने कहा है कि उसकी कॉपीराइट सामग्री को बिना अनुमति प्रिंट करना, कॉपी करना, वितरित करना या डिजिटल माध्यमों पर साझा करना गैर-कानूनी है। ऐसी गतिविधियां कॉपीराइट एक्ट, 1957 और अन्य लागू कानूनों के तहत दंडनीय अपराध हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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इन स्रोतों से ही प्राप्त करें NCERT की किताबें

NCERT ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूलों से अपील की है कि वे पाठ्यपुस्तकें केवल NCERT की आधिकारिक वेबसाइट, ई-पाठशाला पोर्टल और अधिकृत विक्रेताओं से ही प्राप्त करें। परिषद ने बताया कि NCERT की डिजिटल किताबें उसकी आधिकारिक वेबसाइट और ई-पाठशाला प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में उपलब्ध हैं। ऐसे में किसी भी अनधिकृत वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया चैनल से किताबें डाउनलोड या खरीदने से बचना चाहिए।

नकली सामग्री फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

NCERT ने लोगों से कहा है कि वे उन सोशल मीडिया चैनलों, लिंक या ऐप्स पर भरोसा न करें जो NCERT की किताबें या रिलीज़ से पहले की सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करते हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि नकली और पायरेटेड सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी को ऐसी अनधिकृत गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वह इसकी सूचना NCERT को ईमेल के माध्यम से दे सकता है।
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