इस सप्ताह खुल सकता है CSAS पोर्टल
दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल शुरू करने की अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय 21 जुलाई से शैक्षणिक सत्र शुरू करने का लक्ष्य रख रहा है। पोर्टल की अंतिम जांच और आवश्यक विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो CSAS पोर्टल इसी सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा।
71 हजार से अधिक सीटों पर होगा प्रवेश
दिल्ली विश्वविद्यालय में हर साल बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। इस बार भी 70 से अधिक कॉलेजों में संचालित लगभग 79 स्नातक पाठ्यक्रमों की 71,000 से ज्यादा सीटों पर दाखिले होंगे।
सीयूईटी यूजी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश के लिए एकल प्रवेश परीक्षा के रूप में काम करता है और दिल्ली विश्वविद्यालय भी इसी के आधार पर दाखिले देता है।
एडमिशन प्रक्रिया कैसे होगी?
CSAS पोर्टल खुलने के बाद उम्मीदवारों को सबसे पहले पंजीकरण करना होगा। इसके बाद वे अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय CUET स्कोर और छात्रों द्वारा भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर कई चरणों में सीट आवंटन सूची जारी करेगा। प्रत्येक आवंटन दौर के बाद छात्रों के पास दो विकल्प होंगे-
- आवंटित सीट को स्वीकार कर प्रवेश को फ्रीज करना।
- अपग्रेड विकल्प चुनना, जिससे अगली सूची में उच्च प्राथमिकता वाले कोर्स या कॉलेज मिलने की संभावना बनी रहे।
सीयूईटी में देरी को लेकर उठते रहे हैं सवाल
पिछले कुछ वर्षों में सीयूईटी आधारित प्रवेश प्रक्रिया में हुई देरी को लेकर शिक्षकों के एक वर्ग ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि इससे शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित होता है।
वर्ष 2025 में दिल्ली विश्वविद्यालय ने 1 अगस्त से कक्षाएं शुरू कर दी थीं, लेकिन प्रवेश और मॉप-अप राउंड सितंबर के अंत तक चलते रहे। इसके कारण कई छात्रों ने पढ़ाई शुरू होने के कई सप्ताह बाद प्रवेश लिया।
इसी तरह 2024 में सीयूईटी यूजी परिणाम में देरी के चलते शैक्षणिक सत्र 29 अगस्त से शुरू हुआ था और मॉप-अप राउंड अक्तूबक तक चले थे।
सीयूईटी से मिला समान अवसर: कुलपति
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि सीयूईटी ने विभिन्न शिक्षा बोर्डों की अलग-अलग मूल्यांकन प्रणालियों से पैदा होने वाली असमानताओं को काफी हद तक दूर किया है।
उन्होंने बताया कि पहले प्रवेश 12वीं के अंकों के आधार पर होते थे और अलग-अलग बोर्डों के मूल्यांकन मानकों में अंतर होने के कारण छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पाता था। सीयूईटी ने सभी छात्रों के लिए एक समान मानक उपलब्ध कराया है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं
प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुलपति ने छात्रों को सलाह दी कि वे घबराएं नहीं और CSAS पोर्टल पर अपनी प्राथमिकताएं सावधानी से भरें।
उन्होंने कहा कि दाखिला पूरी तरह सीयूईटी स्कोर के आधार पर होगा। यदि किसी छात्र के 12वीं के अंक पुनर्मूल्यांकन के बाद बदलते हैं तो वह 30 सितंबर तक अपडेटेड दस्तावेज जमा कर सकता है। जरूरत पड़ने पर इस समयसीमा को अक्तूबर तक भी बढ़ाया जा सकता है।