राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) 14 साल पुराने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा (NCF - National Curriculum Framework) में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एनसीईआरटी एक समिति गठित करने की तैयारी कर रही है। एनसीएफ में बदलाव के साथ ही देशभर के स्कूलों में चल रही किताबें भी बदल जाएंगी।
इस संबंध में एनसीईआरटी के निदेशक ऋषिकेश सेनापति ने कहा कि 'परिषद अक्तूबर के अंत तक एक समिति की घोषणा करने जा रही है। ये समिति नई शिक्षा नीति के संदर्भ में एनसीएफ की रूपरेखा बदलेगी। इसे नए सिरे से तैयार किया जाएगा।'
बता दें कि एनसीएफ को अब तक चार बाद बदला गया है - 1975, 1988, 2000 और 2005 में। यानी अंतिम बार एनसीएफ में 14 साल पहले बदलाव किए गए थे। अब इसमें पांचवीं बार बदलाव की तैयारी है।
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ऋषिकेश सेनापति ने कहा कि 'हम सिर्फ नई शिक्षा नीति को अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। जो समिति बनेगी वह नई शिक्षा नीति के आधार पर ही पाठ्यक्रमों में बदलाव करेगी। फिर इसी आधार पर किताबें भी बदली जाएंगी।'
प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता का विश्लेषण करने और बदलाव की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए परिषद छह प्रखंडों में एक सर्वेक्षण भी करा रही है। ये प्रखंड शिलॉन्ग, मैसूर, राजस्थान, भोपाल और ओडिशा में हैं। एनसीईआरटी की टीमें इन सभी जगहों पर जाकर सर्वेक्षण कर रही है। यहां से आंकड़े मिलने के बाद अन्य क्षेत्रों में भी सर्वेक्षण किए जाएंगे। नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा के लिए इन आंकड़ों की भी समीक्षा की जाएगी।
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