फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

National Achievement Survey 2021: गणित में जम्मू-कश्मीर, पंजाब चंडीगढ़, राजस्थान के छात्र अव्वल, तमिलनाडु तेलंगाना आंध्र कर्नाटक रहे पीछे

Sun, 29 May 2022 05:55 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

पंजाब ने अपना प्रदर्शन सबसे अधिक सुधारा है। वर्ष 2017 में राष्ट्रीय औसत से नीचे था लेकिन 2021 में पंजाब ने सभी स्तर पर राष्ट्रीय औसत से ऊपर स्कोर हासिल किया है। छात्रों की सीखने के क्षमता को मापने के लिए छात्रों के बीच चार स्तर पर 15 विषयों के मूल्यांकन में से पंजाब 11 विषयों में सबसे आगे रहा।
विज्ञापन
ऑनलाइन कक्षा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान, असम, गुजरात, मध्य प्रदेश के छात्र गणित विषय में अव्वल है। इन राज्यों के तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यह खुलासा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 की रिपोर्ट से हुआ है। 

विज्ञापन


यदि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2017 से तुलना करें तो उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा के स्कूली छात्रों को बेहतरीन प्रदर्शन में बढ़त मिली है, लेकिन फिर भी उन्हें अभी और अधिक मेहनत करने की जरूरत है, ताकि वे ओवरऑल बेहतरीन वर्ग में शामिल हो सकें। रिपोर्ट के आधार पर केंद्र अब राज्यों के साथ मिलकर स्कूली शिक्षा में सुधार पर योजना बनाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसी हफ्ते राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 की रिपोर्ट जारी की। इसके लिए सभी राज्यों के सरकारी, निजी, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं के छात्रों को शामिल किया गया था। गणित में तीसरी कक्षा में जम्मू कश्मीर, असम, चंडीगढ़, गुजरात, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान का प्रदर्शन बेहतर तो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली का औसत से कम रहा है। 
विज्ञापन


हालांकि पिछले सालों की तुलना में सुधार है। ऐसे ही पांचवीं कक्षा में गणित में जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र का प्रदर्शन बेहतर तो दिल्ली, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड का प्रदर्शन औसत से कम रहा है। वहीं, आठवीं कक्षा में बिहार, चंडीगढ़, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब व राजस्थान अव्वल हैं। 

जबकि दसवीं कक्षा में बिहार, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश का प्रदर्शन बेहतरीन है तो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु का प्रदर्शन औसत से नीचे है।

तमिलनाडु ने चौंकाया
देशभर में तमिलनाडु के छात्र बोर्ड परीक्षाओं में सबसे आगे रहते हैं लेकिन इस सर्वेक्षण में पीछे पाए गए हैं। राज्य के आठवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों को सीखने के कुछ परिणामों में कमी पाई गई। कक्षा दसवीं में अंग्रेजी को छोड़कर कक्षा तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं के सभी विषयों में तमिलनाडु के छात्रों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से नीचे हैं। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2017 की तुलना में उनके प्रदर्शन में कमी आई है, जो सीखने के परिणाम पर महामारी के प्रभाव को दर्शाता है।

पंजाब ने मारी बाजी
पंजाब ने अपना प्रदर्शन सबसे अधिक सुधारा है। वर्ष 2017 में राष्ट्रीय औसत से नीचे था लेकिन 2021 में पंजाब ने सभी स्तर पर राष्ट्रीय औसत से ऊपर स्कोर हासिल किया है। छात्रों की सीखने के क्षमता को मापने के लिए छात्रों के बीच चार स्तर पर 15 विषयों के मूल्यांकन में से पंजाब 11 विषयों में सबसे आगे रहा। सर्वे के मुताबिक, पंजाब के छात्रों ने तीसरी कक्षा के गणित (355), भाषा (339), ईवीएस (334), कक्षा 5 के गणित (316), भाषा (339), ईवीएस (310), कक्षा 8 के गणित (297), भाषा (338 ), विज्ञान (287), सामाजिक विज्ञान (288) और कक्षा 10 के गणित (273) में सबसे ज्यादा स्कोर किया है लेकिन आधुनिक भारतीय भाषाओं, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी विषय में दसवीं कक्षा में राज्य का प्रदर्शन गिरकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया। इससे पहले 2017 में पंजाब का कक्षा 3 के लिए भाषा विषय में स्कोर 330 और ईवीएस में 308 था। कक्षा 5 का स्कोर भाषा में 306, गणित में 293 और ईवीएस में 297 था. कक्षा 8 के लिए स्कोर भाषा में 299, गणित में 243, विज्ञान में 257 और सामाजिक विज्ञान में 258 था।

प्रदर्शन पर एक नजर
कक्षा तीसरी
विषय    2017    2021
लैंग्वेज    68    62
गणित    64    57
पर्यावरण विज्ञान    65    57


कक्षा पांचवीं
विषय    2017    2021
लैंग्वेज    58    55
गणित    53    44
पर्यावरण विज्ञान    57    48

कक्षा आठवीं
विषय    2017     2021
लैंग्वेज    57     53
गणित    42     36
विज्ञान    44     39
सामाजिक विज्ञान    44     39

10वीं के छात्रों का प्रदर्शन भी गिरा
विषय    2021
गणित    32
विज्ञान    35
सामाजिक विज्ञान    37
अंग्रेजी    43
मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज    41
(आंकड़े फीसदी में)

खास बातें
nकरीब 45 फीसदी छात्रों ने माना, कोरोना काल में घर में पढ़ाई बेहद मजेदार थी।
n50 फीसदी छात्रों का कहना था, घर और स्कूल के क्लासरूम में कोई अंतर नहीं था। दोनों जगह सीखने को मिला।
n78 फीसदी छात्रों ने माना, स्कूल की तर्ज पर ही घर में पढ़ाई के दौरान असाइनमेंट वर्क मिलता रहा। कुल मिलाकर पढ़ाई का बोझ कम नहीं हुआ।
nकरीब 70 फीसदी छात्रों ने कहा, कोरोना काल के चलते उन्हें शिक्षा, तकनीक, प्रौद्योगिकी की नई जानकारियां मिली। यह उन्हें भविष्य में बेहद मददगार साबित होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें