विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार को रविवार रात लिखे पत्र में पटवर्धन ने कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, "पूरे विषय पर सावधानीपूर्वक पुनर्विचार के बाद, मैं यूजीसी, नैक और भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली के व्यापक हित में कार्यकारी समिति, नैक, बेंगलुरु के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देता हूं।"
मैं यह दोहराना चाहता हूं कि इस मामले में मेरा कुछ भी व्यक्तिगत नहीं था, लेकिन यह स्वाभिमान और ईसी और नैक के अध्यक्ष पद की पवित्रता की रक्षा के लिए एक कार्य था।" NAAC, UGC के तहत एक स्वायत्त निकाय है जो मान्यता के हिस्से के रूप में ग्रेडिंग के साथ उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन और प्रमाणन करता है।
बता दें कि पटवर्धन ने पिछले हफ्ते यूजीसी के "बिना किसी कानूनी अधिकार के अतिरिक्त अध्यक्ष" नियुक्त करने के कदम की "स्वतंत्र जांच" की मांग की थी। पिछले महीने यूजीसी के अध्यक्ष को लिखे एक अन्य पत्र में, पटवर्धन ने आरोप लगाया कि "निहित स्वार्थ और कदाचार" कुछ उच्च शिक्षण संस्थानों को "संदिग्ध ग्रेड" प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने उस पत्र में "इस्तीफा देने का इरादा" भी व्यक्त किया था। इस विषय पर यूजीसी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई।