भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से एमटेक कर रहे विद्यार्थियों को केंद्र सरकार ने राहत दी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry) ने साफ किया है कि एमटेक की फीस में जो बढ़ोतरी की गई है, वह अगले शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। वर्तमान में जो छात्र-छात्राएं किसी आईआईटी से एमटेक कर रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी।
मंत्रालय के अनुसार, नई फीस आगे होने वाले दाखिलों पर लागू होगी, जो अगले तीन साल या ज्यादा समय तक जारी रहेगी। तीन साल के बाद का फैसला आईआईटीज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा किया जाएगा। इन नए दाखिलों में भी जो जरूरतमंद अभ्यर्थी होंगे, उन्हें उचित आर्थिक मदद दी जाएगी।
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जारी रहेंगी अन्य सुविधाएं
मंत्रालय ने साफ किया है कि एससी, एसटी, ओबीसी समेत अन्य वर्गों के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली स्कॉलरशिप और आर्थिक छूट आगे भी बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई आईआईटी काउंसिल की बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में एमटेक की फीस बढ़ाकर बीटेक के बराबर करने का फैसला लिया गया। आईआईटी एमटेक प्रोग्राम में सुधारों के लिए बनी तीन सदस्यों की कमेटी के सुझावों के आधार पर यह फैसला लिया गया।
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मंत्रालय ने कहा कि आईआईटी में एमटेक की फीस लंबे समय से बढ़ाई नहीं गई थी। जबकि प्रति छात्र खर्च हर साल बढ़ता ही गया। लेकिन कमजोर आर्थिक हालातों के कारण किसी छात्र को शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं रखा जाएगा। यह फीस वृद्धि उन छात्रों के लिए सबक होगी जो दाखिला तो ले लेते हैं, लेकिन कोर्स के लिए गंभीर नहीं होते।
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