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'ऐसे' छात्रों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' है एमटेक की बढ़ी फीस : IIT निदेशक

Mon, 30 Sep 2019 12:32 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

  • आईआईटी में दो लाख रुपये सालाना तक बढ़ गई है एमटेक की फीस
  • छात्र कर रहे विरोध, आईआईटी निदेशक ने बताया बिल्कुल सही कदम
  • आईआईटी दिल्ली निदेशक ने फीस बढ़ोतरी को दिया सर्जिकल स्ट्राइक का नाम
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IIT Delhi
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विस्तार
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देशभर के सभी 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (MTech) कोर्स की फीस 2 लाख रुपये सालाना तक बढ़ा दी गई है। पहले यह फीस 10 से 20 हजार रुपये तक थी। हाल में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री (HRD Minister) रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हुई आईआईटी काउंसिल की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

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इस फैसले का सभी आईआईटी ने समर्थन किया है। हालांकि छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में आईआईटी दिल्ली के निदेशक वी रामगोपाल राव ने कहा है कि 'अपने कर्ज चुकाने और विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए आईआईटीज को पैसों की जरूरत है। फीस में बढ़ोतरी उचित निर्णय है। यह उन छात्रों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' (Surgical Strike) की तरह है जिनकी इस पढ़ाई में कुछ खास रुचि नहीं होती। जो बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।'

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50 फीसदी से ज्यादा है ड्रॉप आउट रेट

आईआईटी निदेशक ने कहा कि 'पिछले कुछ वर्षों में आईआईटी के एमटेक प्रोग्राम का ड्रॉप आउट रेट 50 फीसदी से भी ज्यादा रहा है। छात्रों ने इस कोर्स को एक 'पार्किंग प्लेस' (Parking Place) समझ लिया है। जब तक उन्हें कोई नौकरी नहीं मिल जाती या वे कोई प्रतियोगी परीक्षा पास नहीं कर जाते, तब तक के लिए एमटेक कोर्स में दाखिला ले लेते हैं। फिर बीच में ही कोर्स छोड़ देते हैं।'

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'ऐसे छात्र जिन्हें किसी कोर्स में रुचि ही नहीं है, उन्हें उसकी मुफ्त शिक्षा देने के लिए हम करदाताओं के पैसों का दुरुपयोग नहीं कर सकते। इस हालात को बेहतर करने के लिए ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक जरूरी थी।'

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राव ने बताया कि आईआईटीज को हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (HEFA) से अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कर्ज लेना पड़ता है। अकेले आईआईटी दिल्ली को अगले 10 सालों में विश्व स्तरीय शिक्षा देते हुए करीब 580 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना है।

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