मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं कक्षा के नतीजे में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस साल दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तीन साल पहले लागू की गई याेजना के प्रावधान में चार विषयाें काे आधार बनाया जा सकता है। दरअसल, इस साल कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन की घोषणा होने से एक विषय का पेपर नहीं हो सका था। लॉकडाउन की वजह से हिंदी विशिष्ट और उर्दू विशिष्ट की परीक्षा नहीं हो पाई थी।
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बेस्ट ऑफ फाइव याेजना शिक्षण सत्र 2017-18 में लागू हुई थी। शिक्षण सत्र 2018-19 में भी यह व्यवस्था लागू रही। सत्र 2019-20 के वार्षिक परीक्षा में यह प्रावधान था कि यदि काेई विद्यार्थी पांच विषय में पास और किसी एक विषय में फेल भी हाे जाता है ताे उसे पास कर दिया जाएगा। यानी कि पांच विषयाें के अच्छे नंबराें के आधार पर विद्यार्थी को एक विषय में फेल होने के बाद भी पास मान लिया जाएगा।
अब इस बार लॉकडाउन की वजह से दसवीं कक्षा की पूरी परीक्षाएं आयोजित नहीं हो पाई। इस साल हिंदी विशिष्ट और उर्दू विशिष्ट की परीक्षा नहीं हो पाई। ऐसे में बेस्ट ऑफ फोर के आधार का प्रावधान इस बार के रिजल्ट में लागू हो सकता है। ऐसे में कहा जा रहा है कि इस साल जब दसवीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया जाएगा तो इस प्रावधान को लागू किया जा सकता है।