बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक', महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा और अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल रश्मि अरुण शमी सहित सभी राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों के शिक्षा मंत्रियों, शिक्षा सचिवों और राज्य परीक्षा बोर्डों के अध्यक्ष वर्चुअली शामिल हुए थे।
परमार ने रक्षा मंत्री राजनाथ से सीबीएसई की परीक्षा के संबंध में अनुरोध किया कि राज्य की जमीनी हकीकत देखते हुए परीक्षा के संबंध में उचित निर्णय किया जाए। इसके साथ ही 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षकों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने और विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन के लिए त्वरित आवश्यक रणनीति तैयार करने के संबंध में अनुरोध किया गया।
12वीं कक्षा की परीक्षाओं का प्रभाव राज्य की बोर्ड परीक्षाओं और देश भर में अन्य प्रवेश परीक्षाओं पर पड़ता है। इसे ध्यान में रखकर विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से 25 मई तक लिखित में सुझाव मांगे गए हैं। राज्यों के इनपुट के आधार पर सभी छात्रों के हित में 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के बारे में केंद्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी ने शिक्षा क्षेत्र, विशेषकर बोर्ड परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित किया है। वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए लगभग सभी राज्य शिक्षा बोर्डों, सीबीएसई और आईसीएसई ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा, 2021 को स्थगित कर दिया है। इसी तरह, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थानों ने भी प्रोफेशनल पाठ्यक्रम प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दी है।