अल्पसंख्यकों का राजनीतिक दोहन नहीं, सिर्फ कल्याण मकसद : नकवी
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तुष्टीकरण और भेदभाव के बिना अल्पसंख्यकों के कल्याण को मोदी सरकार का मंत्र बताया है। लोकसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल के दौरान नकवी ने अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं में कमी के आरोपों पर कहा, मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं को यूपीए सरकार की तुलना में अधिक धन दिया गया है।
राजनीतिक दोहन और बखान के बिना अल्पसंख्यक योजनाएं चलाने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, सरकार ने सांप्रदायिक के बजाय पीडब्ल्यूडी (गरीब, महिला, दलित) इंजीनियरिंग की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 2.31 करोड़ घरों में से 31 फीसदी 25 अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में आवंटित हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 33 फीसदी लाभार्थी अल्पसंख्यक हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नौ करोड़ लाभार्थियों में से 37 फीसदी अल्पसंख्यक हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 36 फीसदी लाभार्थी अल्पसंख्यक हैं।
नौकरशाही में बढ़े अल्पसंख्यक
नकवी ने कहा, संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल अल्पसंख्यकों की संख्या बढ़ी है। योग्य उम्मीदवारों को सरकार कोचिंग दिला रही है। नौकरशाही में अल्पसंख्यकों की तादाद बढ़ रही है।
हज के लिए सऊदी सरकार से जवाब का इंतजार
नकवी ने बताया कि कोविड महामारी की वजह से पिछले दो वर्ष से सऊदी अरब ने हज यात्रा की इजाजत नहीं दी है। सब चाहते हैं कि हज का आयोजन किया जाए, लेकिन यह सऊदी अरब सरकार के फैसले पर निर्भर करता है कि हज का आयोजन होगा या नहीं। हालांकि, भारत सरकार ने अपनी तरफ से 21 में ये 10 जगहों से हज यात्रा की तैयारी शुरू कर दी है।
केंद्र के दस लाख पदों को भरने की मांग पर टीआरएस सांसदों ने किया हंगामा
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सांसदों ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में केंद्र के दस लाख पदों पर भर्ती की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। सभा शुरू होते ही नमा नागेस्वर राव के नेतृत्व में टीआरएस सांसद अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। हाथों में तख्तियां ले नारेबाजी करते हुए सरकार से बेरोजगार युवकों की आत्महत्या के मामलों की जांच कर केंद्र के खाली पड़े 10 लाख पदों को भरने पर चर्चा करने की मांग करने लगे। हालांकि, अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मुद्दे पर यह कहते हुए चर्चा की इजाजत देने से इनकार कर दिया कि पहला घंटा सांसदों की तरफ से सवाल पूछे जाने को तय है।
राजद ने उठाया न्यूनतम वेतन में संशोधन का मुद्दा
राजद सांसद मनोज झा ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में न्यूनतम वेतन में संशोधन का मुद्दा उठाया। उन्होंने सभापति से इस पर शून्यकाल में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने सत्पथी कमेटी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 375 रुपये प्रतिदिन या 9,750 रुपये हर महीने देने साथ ही घर का किराया भी देने की बात हुई थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा लगातार बढ़ रही महंगाई में गरीब आदमी के लिए व्यवस्थित तरीके से घर चलना कठिन हो रहा है।