मिजोरम शिक्षा विभाग द्वारा शुक्रवार को वणपा हॉल, आइजोल में मुख्यमंत्री पुरस्कार 2025 सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मिज़ोरम बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (एमबीएसई) 2025 की परीक्षा और उच्चतर माध्यमिक स्कूल प्रस्थान प्रमाणपत्र (एचएसएसएलसी) और हाई स्कूल प्रस्थान प्रमाणपत्र (एचएसएलसी) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री लालदुहोमा थे, जबकि शिक्षा मंत्री डॉ. वनलालथलाना ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, मुख्यमंत्री पुरस्कार विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार की सराहना और प्रोत्साहन का प्रतीक है। उन्होंने कहा, किसी राज्य की सबसे बड़ी संपत्ति उसका मानव संसाधन होता है। शिक्षा के बिना, नागरिक प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग नहीं कर सकते। लेकिन ज्ञान और कौशल के माध्यम से सीमित संसाधनों को भी मूल्यवान बना सकते हैं। उन्होंने कहा, मिज़ोरम भारत के सबसे शिक्षित राज्यों में उभर रहा है। हालांकि यह सिर्फ़ एक उपाधि नहीं, बल्कि प्रगति और उत्पादकता में परिलक्षित होना चाहिए।
युवाओं से उच्च शिक्षा और शोध में आने का किया आग्रह
इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से उच्च शिक्षा और शोध में आगे आने का आग्रह किया, क्योंकि राज्य में अभी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की संख्या सीमित है। सरकार शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसके लिए प्रचुर संसाधन उपलब्ध कराती है। चुनौतियां हैं, पर सरकार उन्हें व्यवस्थित रूप से हल करने का प्रयास कर रही है।
छात्र ज्यादा समय स्मार्ट फोन पर न गंवाएं
छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग के प्रति चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज के टॉपर्स ने इंटरनेट का सार्थक उपयोग किया, परंतु कई छात्र स्क्रीन पर समय गवांते हैं जिसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकलता। उन्होंने कहा, मोबाइल, कंप्यूटर या स्मार्ट टीवी पर वीडियो देखना और गेम खेलना मज़ेदार लग सकता है, पर इससे कोई वास्तविक उपलब्धि नहीं मिलती। सफलता ‘क्लिक’ से नहीं, कड़ी मेहनत से मिलती है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना की और उन्हें मिज़ोरम का गौरव बताया। आपकी सफलता मिज़ोरम की सफलता है, और आपकी कहानी मिज़ोरम की कहानी है।
वनलालथलाना ने दी बधाई
शिक्षा मंत्री डॉ. वनलालथलाना ने सभी टॉपर्स को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने
ईमानदारी और समर्पण के साथ शैक्षिक यात्रा को जारी रखने की बात कही।
इन टॉपर्स का हुआ सम्मान
- एचएसएलसी (विज्ञान) टॉपर – सिंथिया लाल्हलुपुई शांगप्लियांग (पिता किरशनबोर शांगप्लियांग), फॉकलैंड, आइजोल – सेंट पॉल्स एचएसएस
- एचएसएलसी (वाणिज्य) टॉपर– क्रिस्टिन लालदिनपुई राल्ते (पिता लालसांगलिआना राल्ते), कॉलेज वेंग, आइजोल – ओइकोस एचएसएस
- एचएसएलसी (कला) टॉपर – लालराम्मावी तोच्हवंग (पिता: रूबेन लालरिनकीमा), खातला ईस्ट, आइजोल – माउंट कार्मेल स्कूल
- एचएसएलसी टॉपर – पीसी लालथाकिमी (पिता: दार्थुआमा), सारोन वेंग, आइजोल – केडी हाई स्कूल
हर टॉपर को 50,000 रुपए नकद, एक स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह मुख्यमंत्री पुरस्कार समारोह का 13वां संस्करण था। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा निदेशक पी. एंजेला ज़ोथनपुई ने की। मुख्य वक्तव्य विशेष सचिव (शिक्षा) डेविड लालथानतलुआंगा ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन लाल्हमछुआना, अतिरिक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रस्तुत किया।