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SC: सुप्रीम कोर्ट ने विधि पाठ्यक्रम समीक्षा याचिका को लंबित मामले से जोड़ने का दिया आदेश, पढ़ें पूरी खबर

Fri, 09 May 2025 02:22 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Supreme Court of India: सुप्रीम कोर्ट ने देश में चल रहे पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता और संरचना की समीक्षा से जुड़ी एक जनहित याचिका को पहले से लंबित एक समान याचिका के साथ जोड़ने का फैसला किया है। 
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 5 वर्षीय विधि पाठ्यक्रमों की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति या विधि शिक्षा आयोग के गठन की मांग करने वाली जनहित याचिका को पहले से लंबित याचिका के साथ जोड़ने का निर्देश दिया। 

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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने याचिका पर अलग से नोटिस जारी करने से इनकार करते हुए, इसे पहले से विचाराधीन मामले के साथ सुनने की सहमति दी।

पीठ ने याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह से कहा, "आप चाहते हैं कि हम सरकार को नीति बनाने का निर्देश दें। हम इसे टैग करेंगे। नोटिस जारी नहीं करेंगे।"
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अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देती है, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मौजूदा पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम और बैचलर ऑफ लॉ (LLB) और मास्टर ऑफ लॉ (LLM) पाठ्यक्रमों की अवधि की समीक्षा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।

जनहित याचिका में कहा गया है कि बीए-एलएलबी और बीबीए-एलएलबी पाठ्यक्रमों की पांच वर्ष की अवधि "पाठ्यक्रम सामग्री के अनुपात से अधिक" है और लंबी अवधि के कारण छात्रों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ पड़ता है।

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