शैक्षिक और प्रशासनिक सफर
अनंथा चंद्रकासन का शैक्षिक और प्रशासनिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में बीएस, एमएस और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एमआईटी में अपना शैक्षणिक करियर शुरू किया और वर्ष 2006 से 2011 तक वे Microsystems Technology Laboratories (MTL) के निदेशक रहे। इसके बाद, 2011 से 2017 तक उन्होंने एमआईटी के सबसे बड़े अकादमिक विभाग इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस (EECS) का नेतृत्व किया। उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें 2017 में एमआईटी का डीन ऑफ इंजीनियरिंग नियुक्त किया गया। नवाचार और रणनीति में उनके उत्कृष्ट योगदान के चलते वर्ष 2024 में उन्हें एमआईटी का पहला Chief Innovation and Strategy Officer बनाया गया। अब वे 2025 से एमआईटी के प्रोवोस्ट के रूप में एक और नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
भारत से संबंध और टेक्नोलॉजी सहयोग
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने चंद्रकासन को बधाई देते हुए कहा कि वे भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी और R&D सहयोग के प्रबल समर्थक रहे हैं। वे भारत सरकार और निजी क्षेत्र के कई संस्थानों के साथ मिलकर काम करते रहे हैं।
भविष्य की दिशा: AI, क्वांटम, बायोमैन्युफैक्चरिंग
चंद्रकासन ने कहा, “MIT को ऐसे क्षेत्रों में केंद्र बनाना है जिनमें अमेरिका वैश्विक लीडर बनना चाहता है- जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, और बायोसाइंस। इसके लिए STEM और ह्यूमैनिटीज का सहयोग बहुत जरूरी है।”