युवती के घरवालों ने वृद्ध और उसके बेटे को पीट डाला
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कानपुर काकादेव में दस दिनों से घर से गायब विकलांग युवती बुधवार को लौट आई। उसने कॉलोनी के एक वृद्ध दुकानदार पर उसके अगवा और बंधक बनाने का आरोप लगाया। पुलिस दुकानदार को काकादेव थाने ले गई। यहां युवती के घरवालों ने वृद्ध और उसके बेटे को पीट डाला। पुलिस ने किसी तरह उसे बचाया। मामले की छानबीन के लिए पुलिस अब युवती की बताई जगह जाएगी।
सुदर्शन कालोनी निवासी 20 वर्षीय युवती 16 अक्तूबर को कालोनी में परचून की दुकान गई थी, तब से वह गायब हो गई। बुधवार सुबह युवती अचानक घर लौटी और परिजनों को बताया कि परचून दुकानदार 72 वर्षीय वृद्ध के इशारे पर बाइक से आए एक युवक और वृद्धा उसे बाइक पर बैठाकर गुरुदेव सिनेमा के पास केसा कालोनी के एक मकान में ले गए। यहां बंधक बनाकर रखा, कमरे में पहले से ही दो और लड़कियां बंधक थीं। बुधवार को वह किसी तरह भाग निकली। यह जान गुस्साए परिजन दुकानदार के घर पहुंचे और उसे और उसके बेटे को पीटते हुए काकादेव थाने ले गई। थाने में पुलिस के सामने भी पिटाई की गई। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से भीड़ के चंगुल से पिता पुत्र को बचाया।वृद्ध ने बताया कि आठ-दस दिन पहले युवती उन्हें रावतपुर स्टेशन पर भटकते हुए मिली थी, जिस पर वे उसे अपनी बाइक से कालोनी के गेट तक छोड़ गए थे। इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं पता। आरोपी के परिवार के लोगों का कहना है कि युवती मानसिक रोगी है, अक्सर वह घर से बिना बताए निकल जाती है। उसे घर वाले बांधकर भी रखते हैं। वहीं युवती की भाभी ने इसे नकार दिया। इंस्पेक्टर एके सिंह का कहना है कि लड़की ने अपने साथ कोई और गलत काम होना नहीं बता रही है। लिहाजा अगवा और बंधक की वजह भी समझ में नहीं आ रही है।