मेडिकल कॉलेज की अनुमति मांगने वाले हर अस्पताल में शिक्षण अस्पताल और छात्रों व प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास जरूरी है। कॉलेज के अधिकतम दो परिसर हो सकते हैं। शिक्षकों या कर्मचारियों के लिए कॉलेज परिसर में आवासीय क्षेत्र जरूरी नहीं है।
देश में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेजाें में एमबीबीएस की अधिकतम 150 सीटें होंगी। शर्त यह होगी कि संस्थान उस राज्य में 10 लाख आबादी के लिए 100 सीटों के अनुपात के मानक को पूरा करता हो। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने नए संस्थानों की स्थापना, पाठ्यक्रमों की शुरुआत, सीटों की वृद्धि के लिए 16 अगस्त को अधिसूचित नियमों में यह व्यवस्था की है।
विज्ञापन
जिन कॉलेजों ने 2023-24 में बढ़ी हुई सीटों के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे पाने में विफल रहे उन्हें एक बार छूट दी जाएगी। ऐसे कॉलेज 2024-25 के लिए बढ़ी सीटों की मांग कर सकते हैं, बशर्ते उनके पिछले आवेदन में उन सीटों का जिक्र हो। अब नए कॉलेज को 50, 100 या 150 सीटों के लिए ही मान्यता मिलेगी।
न्यूनतम 220 बिस्तर का हो मेडिकल कॉलेज का अस्पताल
मेडिकल कॉलेज की अनुमति मांगने वाले हर अस्पताल में शिक्षण अस्पताल और छात्रों व प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास जरूरी है। कॉलेज के अधिकतम दो परिसर हो सकते हैं। शिक्षकों या कर्मचारियों के लिए कॉलेज परिसर में आवासीय क्षेत्र जरूरी नहीं है। मेडिकल कॉलेज का अस्पताल न्यूनतम 220 बिस्तर वाला होना चाहिए। कॉलेज व अस्पताल परिसर की दूरी 30 मिनट में तय होनी चाहिए। फैकल्टी व रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होगी।