नियमों में कहा गया है कि यदि कोई मेडिकल कॉलेज एनएमसी के संबंधित बोर्डों द्वारा निर्धारित वैधानिक प्रावधानों और नियमों का पालन करने में विफल रहता है, तो आयोग पांच शैक्षणिक वर्षों तक की अवधि के लिए मान्यता रोक भी सकता है और वापस भी ले सकता है। नियमों में कहा गया है कि व्यक्तियों या एजेंसियों के माध्यम से अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एग्जामिनेशन बोर्ड (यूजीएमईबी), पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (पीजीएमईबी) या एनएमसी पर दबाव डालने का कोई भी प्रयास चिकित्सा संस्थान द्वारा सभी आवेदनों/अनुरोधों के प्रसंस्करण को तत्काल रोक देगा।
इनमें छात्रों के सर्वांगीण प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए रोगियों की विविधता, प्रक्रियाओं की विविधता, सर्जरी, प्रयोगशाला जांच, रेडियोलॉजिकल जांच और अन्य प्रासंगिक जांच, अपनाई गई शिक्षण पद्धति का मूल्यांकन और चिकित्सा शिक्षा के मानकों से संबंधित अन्य पैरामीटर भी शामिल हैं। संबंधित बोर्ड या एनएमसी द्वारा समय-समय पर जोड़ा जा सकता है। निर्धारित प्रावधानों का पालन न करने पर आयोग चेतावनी जारी करेगा या जुर्माना लगाएगा।