प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल
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दुनिया भर में कोरोना का कहर जारी है। इस समय जब समाज और परिवार संकट में हैं, तब मीडिया की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। आज मीडिया को परिवार में संस्कार निर्माण एवं समाज को शिक्षित करने का काम करना चाहिए। मीडिया के माध्यम से समाज को और बेहतर बनाया जा सकता है। यह कहना है महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल का।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति की ओर से रविवार को 'मीडिया, समाज और मूल्यबोध' विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित, ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े राजयोग करुणा भाई एवं इंदौर के पत्रकार अरविंद तिवारी भी मौजूद थे।
प्रो.शुक्ल बोले, बुराइयों के खिलाफ मीडिया को आगे आना होगा : राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान प्रतिष्ठान के मीडिया प्रभाग के पूर्व अध्यक्ष राजयोगी ब्रह्माकुमार ओम प्रकाश 'भाईजी' के पंचम पुण्य स्मरण दिवस पर आयोजित वेबिनार में रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने के लिए मीडिया को आगे आना होगा। उन्होंने मीडिया के क्षेत्र में योगदान के लिए ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना भी की।
लोकमंगल की भावना से काम करे मीडिया : द्विवेदी
प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि मूल्यों की स्थापना के लिए आध्यात्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ साथ परिवारों को भी आगे आना होगा। इस दिशा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन व्यक्तित्व निर्माण के कार्य को बेहतर ढंग से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ समाज के निर्माण से श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण होगा। इसके लिए मीडिया और पूरे समाज को लोकमंगल की भावना से काम करना होगा।
इस अवसर पर कमल दीक्षित ने कहा कि आज मूल्यों का क्षरण हो रहा है और समाज धीरे-धीरे व्यक्ति केंद्रित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज की सेवा के लिए है, लेकिन वर्तमान में मीडिया समर्थ व्यक्ति, बाजार और सत्ता के लिए काम करने लगा है। इस संदर्भ में अध्यात्म ही एकमात्र ऐसा उपाय है, जो इस सब को बदल सकता है। स्वर्गीय ओम प्रकाश 'भाईजी' को याद करते हुए अरविंद तिवारी ने कहा कि उन्होंने इंदौर में इस तरह काम किया कि ब्रह्माकुमारी संस्था इंदौर शहर का अभिन्न हिस्सा बन गई। इस समारोह के दौरान राजयोगी आत्मप्रकाश भाई, राजयोगिनी हेमलता दीदी और डॉ. सोमनाथ वडनेरे और ब्रह्माकुमारी अनीता दीदी भी मौजूद रहीं।