विद्यार्थी (फाइल फोटो)
इसके अलावा, जो विद्यार्थी कंटेनमेंट जोन में रहते हैं, उनको भी ऑनलाइन परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। जो छात्र गंभीर बिमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं, उनको भी ऑनलाइन परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं देने के लिए छात्रों को विभाग अध्यक्ष से निवेदन करना होगा। परीक्षाओं से सात दिन पहले छात्रों को ऑनलाइन मोड में परीक्षा देने की अनुमति लेनी होगी। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में थ्योरी एग्जाम तीन घंटे का होगा। यूनिवर्सिटी की तरफ से यह भी निर्देशित किया गया है कि जो छात्र एक बार ऑफलाइन परीक्षा में उपस्थित होंगे, उन्हें फिर से ऑनलाइन परीक्षाएं देने की अनुमति नहीं होगी। यूजी और पीजी परीक्षाएं केंद्र और राज्य द्वारा जारी किए गए कोरोना एसओपी के तहत आयोजित होंगी।
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