नीट यूजी काउंसलिंग 2025 में किए गए प्रमुख बदलाव
MCC ने इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं:
1. मॉप-अप राउंड का नाम बदला
अब मॉप-अप राउंड को राउंड 3 कहा जाएगा। इस बार कुल चार राउंड होंगे:
- AIQ राउंड 1
- AIQ राउंड 2
- AIQ राउंड 3
- स्ट्रे वेकेंसी राउंड
2. राउंड 3 के बाद इस्तीफा नहीं चलेगा
राउंड 3 तक ही अपग्रेडेशन की अनुमति होगी। इसके बाद अगर कोई छात्र सीट छोड़ना चाहता है, तो ऐसा संभव नहीं होगा। इसलिए छात्रों को राउंड 3 में शामिल होने से पहले सोच-समझकर फैसला लेना होगा।
3. AIQ राउंड 3 के बाद अन्य काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकेंगे
अगर कोई छात्र AIQ राउंड 3 में शामिल हो जाता है, तो वह फिर किसी भी अन्य काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेगा। केंद्र और राज्यों के बीच डेटा साझा किया जाएगा। अगर किसी छात्र का नाम दोनों सूचियों में पाया गया, तो उसे ऑल इंडिया स्ट्रे वेकेंसी राउंड से बाहर कर दिया जाएगा।
4. OCI कार्डधारकों को समान अधिकार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, ओवरसीज़ सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को अब भारतीय नागरिकों के समान अधिकार मिलेंगे। वे सामान्य वर्ग (UR) और NRI सीटों दोनों के लिए पात्र होंगे।
5. सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग सॉफ्टवेयर
MCC ने एक एकीकृत काउंसलिंग सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे सभी राज्यों और संस्थानों की काउंसलिंग प्रक्रिया एक जैसी होगी। चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया अब एक ही प्लेटफॉर्म पर की जाएगी, चाहे वह AIQ हो, डेम्ड यूनिवर्सिटी हो या केंद्रीय विश्वविद्यालय।
6. सीट का ऑटोमेटिक कैंसलेशन
अगर छात्र को राउंड 2 या 3 में बेहतर प्राथमिकता की सीट मिल जाती है, तो पहले मिली सीट अपने आप रद्द हो जाएगी।
7. सीटों का रूपांतरण
राउंड 3 में सीटों का रूपांतरण किया जाएगा, लेकिन सिर्फ तब जब किसी श्रेणी के सभी पात्र छात्र पहले ही एडमिट हो चुके हों।
उदाहरण के लिए, जैन माइनॉरिटी, मुस्लिम माइनॉरिटी और NRI सीटें अगर राउंड 3 तक खाली रह जाती हैं, तो उन्हें प्राइवेट डेम्ड यूनिवर्सिटी सीटों में बदला जाएगा ताकि कोई सीट बर्बाद न हो।
8. ऑफलाइन इस्तीफे की अनुमति नहीं
अब कोई भी रिजाइन (इस्तीफा) या एडमिशन प्रक्रिया ऑफलाइन नहीं होगी। सभी प्रक्रियाएं केवल ऑनलाइन माध्यम से ही मान्य होंगी।