CBI जांच के बीच आई राहत की खबर
जुलाई में CBI ने स्वास्थ्य मंत्रालय और NMC अधिकारियों सहित निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार और नियमों की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीटें बढ़ाने और नए कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया रोक दी गई थी। लेकिन अब डॉ. शेट ने कहा है कि निरीक्षण कार्य तेजी से हो रहा है और कुल सीटों में 8,000 तक की वृद्धि संभव है।
फिलहाल कितनी सीटें हैं?
| श्रेणी |
कुल सीटें |
सरकारी कॉलेज |
निजी कॉलेज |
| UG (MBBS) |
1,18,098 |
59,782 |
58,316 |
| PG |
53,960 |
30,029 |
23,931 |
UG सीटें घटीं, कुल संख्या बढ़ेगी
सीबीआई जांच की वजह से इस साल कुछ UG सीटों में कमी देखी गई है, लेकिन NMC प्रमुख का कहना है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद कुल मिलाकर सीटों में बढ़ोतरी होगी और संख्या 8,000 तक या उससे भी अधिक हो सकती है।
NEXT परीक्षा पर सस्पेंस
फाइनल ईयर MBBS छात्रों के लिए प्रस्तावित नेशनल एग्जिट टेस्ट (NEXT) को लेकर डॉ. शेट ने कहा कि यह एक “नया और महत्वाकांक्षी कॉन्सेप्ट” है, लेकिन इसे लागू करने में अभी समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती है स्टेट लेवल यूनिवर्सिटी परीक्षा से केंद्रीय परीक्षा की ओर बदलाव। परीक्षा का स्तर और कठिनाई तय करना भी अहम है। छात्रों और फैकल्टी में NEXT को लेकर सकारात्मक सोच बनाना जरूरी है। डॉ. शेट का मानना है कि छात्रों की चिंताओं और आशंकाओं को दूर किए बिना इसे लागू नहीं किया जा सकता। यह परीक्षा कठिन नहीं होगी, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन का साधन बनेगी।
मेडिकल कॉलेज और गुणवत्ता
2014 से अब तक देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस पर उठ रहे सवालों के बीच डॉ. शेट ने कहा कि संख्या और गुणवत्ता दोनों जरूरी हैं।
- NMC ने Accreditation प्रक्रिया को और सख्त किया है ताकि फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल सुविधाओं की न्यूनतम गुणवत्ता सुनिश्चित हो।
- मेडिकल ट्रेनिंग को और बेहतर बनाने के लिए ‘Phydigital Model’ (Physical + Digital शिक्षा) लागू करने पर काम चल रहा है।
- निजी और सरकारी अस्पतालों के क्लिनिकल संसाधनों का उपयोग मेडिकल छात्रों की ट्रेनिंग में किया जाएगा।