डॉक्टर बनने का क्रेज आज चरम पर पहुंच चुका है। लाखों में कमाई और एक रॉयल लाइफ के कारण हर वर्ष लाखों युवा एमबीबीएस की तैयारी करते हैं। भारत में एमबीबीएस के लिए कुल 1,08,915 सीटें हैं। जिनपर दाखिले की पात्रता परीक्षा नीट-यूजी के लिए देशभर से 24 लाख युवाओं ने आवेदन किया था। जिनमें 13 लाख युवाओं को नीट में सफलता हासिल हुई है। जो मौजूदा समय में राज्य कोटे और आल इंडिया कोटा की काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। आज जहां देश के निजी मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस के लिए 1.2 करोड़ रुपये 6 वर्ष की फीस ले रहे हैं। वहीं देश में कुछ मेडिकल कॉलेज ऐसे भी हैं जो सालाना 1700 रुपये की फीस में एमबीबीएस करा रहे हैं।
वैसे तो देश में कुल 704 मेडिकल कॉलेज में जिनमें 379 सरकारी और 315 निजी हैं। सरकारी कॉलेजों में 55648 और निजी कॉलेजों में 50685 एमबीबीएस सीटें हैं।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली, सरकारी मेडिकल कॉलेज चंढीगढ़, डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर कॉलेज नई दिल्ली, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज दिल्ली, सरकारी मेडिकल कॉलेज सूरत गुजरात, बीजे मेडिकल कॉलेज अहमदाबाद गुजरात, मेडिकल कॉलेज भावनगर गुजरात, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद हरियाणा, पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज धनबाद, सरकारी मेडिकल कॉलेज कोट्टायम केरल आदि में एमबीबीएस की फीस 1400 रुपये सालाना से लेकर 1,10,000 रुपये तक है।
भारत में सीट नहीं मिलने पर आप विदेश से एमबीबीएस के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। क्योरा की एक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में भारत के 7.5 लाख छात्र विदेशी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी कोर्सेस में इनरोल हैं। क्योंकि प्रति वर्ष भारत से तकरीबन 25 हजार युवा विदेश की यूनिवर्सिटीज में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले ले रहे हैं। इसका कारण हैं भारत के निजी कॉलेजों में बढ़ती मेडिकल फीस। जोकि अब 6 वर्षों के एमबीबीएस कोर्स के लिए 1 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। कई निजी कॉलेज भारत में एमबीबीएस के लिए 80 लाख से 1.2 करोड़ रुपये तक चार्ज कर रहे हैं। ऐसे में छात्र भारत के निजी कॉलेजों का चुनाव न कर विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में दाखिला ले रहे हैं। अगर आप भी 20 लाख से कम फीस में पूरी एमबीबीएस करना चाहते हैं तो SAFALTA MOKSH के टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल करें।