सभी ने राज्य में मराठी भाषा अनिवार्य करने की सहमति दी है। राज्य के स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने संबंधी विधेयक पर चर्चा के उपरांत विधान परिषद में इसे मंजूरी मिल गई। बृहस्पतिवार को यह विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानमंडल के दोनो सदनों में विधेयक पारित होने के बाद यह कानून बन जाएगा और राज्य के सभी स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य हो जाएगी।
सीबीएससी और आईएसएससी स्कूलों में सख्ती से लागू होगी मराठी
राज्य में सीबीएससी बोर्ड और आईसीएससी बोर्ड सहित अंतर्राष्ट्रीय स्कलों में भी अब मराठी पढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा। सुभाष देसाई ने कहा कि पहली व छठी कक्षा में शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 में ही लागू किया जाएगा। इसके बाद दूसरी, तीसरी, चौथी, 5वीं, 7वीं, 8वीं और 9वीं कक्षा में चरणबद्ध तरीके से मराठी लागू की जाएगी।