10वीं कक्षा के छात्रों की परीक्षा की तैयारी के लिए तैयार इस किताब के टेस्ट पेपर-3 में सवाल-जवाब का एक भाग है। इसमें पृष्ठ संख्या 46 पर ये गलती हुई है। इसमें महात्मा गांधी को 'कुबुद्धि' के तौर पर बता दिया गया है।
सवाल संख्या 7 में पूछा गया है कि सुबुद्धि और कुबुद्धि की विशेषताएं क्या होती हैं? इसके जवाब में लिखा गया है - 'सुबुद्धि एक ईमानदार इंसान था जिसने अच्छी जिंदगी जी। कुबुद्धि एक बुरा इंसान था और उसने शराब के सेवन और गांधीजी की जिंदगी जी।' यहां गांधीजी अंग्रेजी में लिखा है। पूरा विवाद इसी वाक्य पर खड़ा हो गया है।
ये किताबें उन छात्रों की मदद के लिए तैयार की जाती हैं जो राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और कुछ विषयों में कमजोर हैं। इन किताबों की मदद से उन्हें परीक्षा की बेहतर तैयारी कराई जाती है।
अब इस विवाद पर मध्यप्रदेश की शासकीय नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय के अंग्रेजी की शिक्षिका नीलम वासनिया ने सफाई दी है कि ये छपाई में गलती के कारण हुआ है। दरअसल यहां अंग्रेजी का शब्द गैंबलिंग (Gambling) लिखा जाना चाहिए था। लेकन उसकी जगह गलती से Gandhiji छप गया। छात्रों को पढ़ाते समय शिक्षक इसमें सुधार करते हैं।
अब नेता भी दे रहे सफाई
कांग्रेस प्रवक्ता विभा पटेल ने इस मामले पर कहा है कि यह वाकई बहुत बड़ी गलती है। हम इसकी जांच कराएंगे। उन सभी लोगों के खिलाफ जांच होगी जो प्रश्नपत्र बनाने में शामिल थे। जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाई की जाएगी।
इस मामले पर अब मध्य्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा का भी बयान आ गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ये गलती की है, उनके खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।