पास प्रतिशत में गिरावट
महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं या एसएससी की परीक्षा में 93.83 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। इसके बावजूद भी पिछले साल की तुलना में पास प्रतिशत में 3.18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के अध्यक्ष शरद गोसावी ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के उत्तीर्ण प्रतिशत की तुलना में, जो महामारी से पहले का था, उसके मुताबिक 1.47 प्रतिशत की गिरावट है।
महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं की परीक्षा में राज्य भर में कुल 15,29,096 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जिनमें से 14,34,898 उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। इनमें 5,26,210 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, 3,34,015 ने द्वितीय श्रेणी तथा 85,298 ने थर्ड डिवीजन के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है।
छात्र-छात्रआओं का पास प्रतिशत
महाराष्ट्र एसएससी परीक्षा में इस बार छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है। जहां 95.87 प्रतिशत छात्राओं ने सफलता हासिल की तो वहीं 9.06 प्रतिशत ही छात्र सफल हो सके हैं। इसके साथ ही 92.49 प्रतिशत दिव्यांग छात्र भी सफल हुए हैं।
ATKT क्या है?
यदि कोई छात्र दो विषयों में अनुत्तीर्ण होता है, तो उसे कक्षा 11 में अस्थायी प्रवेश लेने की अनुमति दी जाती है। उन्हें कक्षा 12 में प्रवेश लेने से पहले अपने एसएससी के प्रश्नपत्रों को पास करना होता है। कुल 173586 छात्रों को खेल जैसी गैर शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने पर अतिरिक्त अंक का लाभ मिला है, जबकि 33306 छात्रों को टर्म (एटीकेटी) रखने की अनुमति दी गई है।
इस साल MSBSHSE SSC परीक्षा के लिए कुल 15,77,256 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से, 8,44,116 लड़के थे और 7,33,067 लड़कियां थीं। 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 02 मार्च से शुरू हुईं और 25 मार्च को खत्म हुईं थी। राज्य भर में 5,033 केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गईं।