मसौदा तैयार करने के दिए निर्देश
राज्य के सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार ने इस नीति के मसौदे को तैयार करने का निर्देश दिया है और कहा है कि इस नीति के माध्यम से एआई की परिवर्तनकारी क्षमता का उपयोग करके महाराष्ट्र को एक मजबूत आर्थिक खिलाड़ी बनाया जा सकता है।
मंत्री शेलार ने अधिकारियों के साथ बैठक में बताया कि एआई तकनीक का उपयोग करते हुए राज्य को उद्योगों को आकर्षित करने, रोजगार सृजन करने और तकनीकी क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित करने का एक बड़ा अवसर मिल सकता है।
मार्च में हुई थी एआई मिशन की शुरुआत
शेलार ने यह भी उल्लेख किया कि मार्च में भारत सरकार ने एआई मिशन की शुरुआत की थी, जिसमें 10,372 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह मिशन एआई डेटासेट प्लेटफॉर्म, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट्स, इंडिया एआई इनोवेशन सेंटर, फ्यूचर स्किल्स प्रोग्राम और स्टार्टअप्स को वित्तपोषित करने जैसी पहलों पर केंद्रित है। मंत्री के अनुसार, महाराष्ट्र को इन राष्ट्रीय प्रयासों के साथ जुड़कर एआई क्रांति का अग्रणी हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 से भारत एआई डेटासेट प्लेटफॉर्म को शक्ति प्रदान करने के लिए गैर-व्यक्तिगत डेटासेट के संग्रह की योजना बनाई है। मंत्री शेलार ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र को भारत की तकनीकी प्रगति में अग्रणी बनने और वैश्विक एआई नेता बनने के राष्ट्र के दृष्टिकोण में योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।