जिला अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
फडणवीस ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टरों को विशेष दस्ते बनाने चाहिए जो परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंच जाएं और उत्तर पुस्तिकाएं संरक्षक के पास जमा होने तक इंतजार करें।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में नकल रोकने की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की संयुक्त जिम्मेदारी है। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त और पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी होगी।
3,373 केंद्रों पर 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू
फडणवीस ने जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की परीक्षा वाले दिन संवेदनशील परीक्षा केंद्रों का दौरा करें।
राज्य में 3,373 केंद्रों पर कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। परीक्षाएं 18 मार्च तक चलेंगी।
फडणवीस ने कहा कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को परीक्षा केंद्र से 100 मीटर के दायरे में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए कि विद्यार्थी ऐसी कोई सामग्री न लेकर आएं जिससे परीक्षा में नकल हो सके।
पहले दिन नकल के 42 मामले आए सामने
मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़नदस्तों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे।
राज्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बताया, "एचएससी परीक्षा के पहले दिन नकल के 42 मामले सामने आए।"
राज्य के 3,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर 15 लाख से अधिक छात्र प्रथम पेपर, अंग्रेजी, में सम्मिलित हुए।
नकल (कदाचार) के 42 मामलों में से 26 छत्रपति संभाजीनगर, आठ पुणे, तीन नासिक, दो-दो अमरावती और नागपुर तथा एक लातूर में दर्ज किया गया।
मुंबई, कोंकण और कोल्हापुर में कदाचार का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
इस बीच, पुणे के नरहे इलाके में एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहे एक छात्र ने दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि उसे मामूली चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया।