सरकार ने आदेश में क्या कहा?
- सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, राज्यपाल के निर्देश पर प्रशासनिक कारणों से हरपलकर की प्रतिनियुक्ति खत्म की गई है।
- आदेश में यह भी कहा गया है कि उनके अगले पदस्थापन को लेकर अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
हरपालकर को निर्देश दिया गया है कि वह महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के सचिव पद का कार्यभार तत्काल किसी अन्य अधिकारी को सौंप दें। इसके लिए आयोग की सहमति लेने को भी कहा गया है।
एमपीएससी अभ्यर्थी भी कर रहे थे उनको हटाने की मांग
एमपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में सचिव महेंद्र हरपालकर को पद से हटाना भी शामिल था। परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
सरकार ने एमपीएससी को लेकर और क्या फैसला लिया?
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को घोषणा की थी कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के सचिव का तबादला किया जाएगा। इसके साथ ही आयोग के कामकाज की न्यायिक जांच कराने की भी घोषणा की गई थी। यह कदम परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया।
हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद उनके अगले पदस्थापन के लिए अलग आदेश जारी किया जाएगा। वहीं, आयोग के सचिव पद का कार्यभार दूसरे अधिकारी को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एमपीएससी के कामकाज को लेकर न्यायिक जांच की घोषणा भी की जा चुकी है।