बिहार में स्थित केंद्र का पहलु
यह निर्णय हाल ही में सामने आई कुछ अनियमितताओं के बाद लिया गया है। दरअसल, बिहार के पटना स्थित एक परीक्षा केंद्र से महाराष्ट्र सीईटी (5 वर्षीय LLB कोर्स) में चार छात्रों ने शत-प्रतिशत (100 पर्सेंटाइल) अंक प्राप्त किए थे। इस मामले की जांच राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) कर रही है।
मंत्री पाटिल ने कहा, "सीईटी परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने और गड़बड़ियों को रोकने के लिए अब से परीक्षा केवल महाराष्ट्र के भीतर ही आयोजित की जाएगी। इससे निगरानी बेहतर होगी और संगठित धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।"
इसके अलावा, मुंबई क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एक एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़ किया था जो छात्रों से पैसे लेकर सीईटी में उनके अंक बढ़वाने का झांसा दे रहा था। इस मामले में दिल्ली के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
10 लाख से ज्यादा देते हैं परीक्षाएं
हर साल 10 लाख से ज्यादा छात्र विभिन्न सीईटी परीक्षाएं देते हैं, जिनमें से लगभग 25,000 छात्र महाराष्ट्र के बाहर के परीक्षा केंद्रों को चुनते हैं। मंत्री ने कहा कि अब यह संख्या शून्य होगी जिससे पूरी प्रवेश प्रक्रिया में निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहेगी।