समिति का गठन किया गया
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का सवाल है, उनमें प्रवेश हर साल 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के अंकों के आधार पर होते हैं। चूंकि इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, इसलिए इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश एक सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लेने के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए निर्णय बाद में
सामंत ने कहा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाराष्ट्र सीईटी सेल और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी समिति का हिस्सा हैं। सरकार अभी भी विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है कि क्या एकल राज्य-स्तरीय सीईटी का आयोजन किया जाए या क्या यह संभाग स्तर पर किया जा सकता या हर विश्वविद्यालय और स्वायत्त कॉलेजों द्वारा अलग-अलग सीईटी का आयोजन किया जाए। सामंत ने कहा, हम फैसला करने से पहले अभिभावकों, छात्रों, प्राध्यापकों और सभी हितधारकों की राय भी लेंगे।
ऑफलाइन कक्षाएं या प्रैक्टिकल संभव नहीं
उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने शैक्षणिक वर्ष के बारे में बात करते हुए कहा कि सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन कक्षाओं के साथ जारी रखा जाएगा। सामंत ने कहा कि तीसरी लहर के लिए एहतियात के तौर पर ऑफलाइन कक्षाएं या प्रैक्टिकल संभव नहीं है। सभी कोर्स ऑनलाइन जारी रहेंगे।
सामंत ने कहा कि उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए ऑनलाइन प्रणाली काम कर रही है और इसके लिए संरचना तैयार है। बता दें कि सामंत ने शनिवार को कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे का दौरा किया और संस्थान के विकास कार्यों और चिखली में विस्तारित शैक्षिक परिसर की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, पुणे का भी दौरा किया और चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।