इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (ICSE) बोर्ड जुलाई में सभी सुरक्षा सावधानियों के साथ 10वीं की परीक्षा आयोजित करेगा। ये जानकारी बोर्ड ने शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ साझा की।दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं था।
एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोनी ने अदालत को बताया कि राज्य में स्थिति गंभीर है इसलिए लंबित आईसीएसई बोर्ड परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं होगा। चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एसएस शिंदे की खंडपीठ ने अरविंद तिवारी की याचिका पर सुनवाई की। बता दें कि याचिका में आईसीएसई बोर्ड द्वारा 2 जुलाई से 12 जुलाई तक 10वीं परीक्षा आयोजित करने के फैसले पर सवाल उठाया गया है।
प्रारंभ में, परीक्षाएं 27 फरवरी से 30 मार्च के बीच निर्धारित की गई थीं, लेकिन COVID-19 के डर से 19 मार्च से परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। महाराष्ट्र में 226 स्कूल आईसीएसई से संबद्ध हैं।
23,347 छात्रों को 10वीं कक्षा की परीक्षाओं में बैठने वाले हैं। 3 जून को इसे महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा था कि राज्य सरकार के लिए परीक्षाओं की अनुमति देना संभव नहीं होगा।
राज्य सरकार ने आईसीएसई बोर्ड से अनुरोध किया कि वह अपनी परीक्षा को स्थगित कर दे या आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया अजमाएं। हालांकि, आईसीएसई की राय थी कि परीक्षाएं आयोजित की जानी चाहिए।
यदि कोई छात्र COVID-19 रेड जोम में रह रहा है, तो वे छात्र सितंबर में दोबारा परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकता है।