महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को पहली से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में 25 फीसदी कटौती की घोषणा की। सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर छात्रों के बोझ को कम करने के लिए सिलेबस में कटौती की घोषणा की है। सूबे की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों में से कौन से पाठ कम किए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। महाराष्ट्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (MSCERT) की वेबसाइट पर कटौती हुए पाठ्यक्रम की विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
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दरअसल, कोरोना वायरस की वजह से अभी स्कूल, कॉलेज एवं उच्च शिक्षण संस्थान बंद हैं। ऐसे में सरकार भी चाहती है कि शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के लिए छात्रों के बोझ को कम किया जाए, तभी पाठ्यक्रम में कटौती का यह निर्णय लिया गया है। सूबे में स्कूल बंद हैं, लेकिन शैक्षणिक वर्ष 15 जून से शुरू हो गया है और छात्रों को ऑनलाइन माध्यम के जरिए शिक्षा दी जा रही है।
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इससे पहले महाराष्ट्र सरकार तीसरी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 12 शैक्षणिक चैनल लॉन्च कर चुकी है। ये सभी एजुकेशन चैनल जियो टीवी के प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किए गए हैं। जो कि सूबे में चार माध्यमों के जरिए उपलब्ध होंगे। इससे पहले दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के तीन अन्य चैनल लॉन्च किए गए थे। स्टेट काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने भी विद्यार्थियों के लिए चार यूट्यूब चैनल शुरू किए हैं। ये चार चैनल मराठी और उर्दू में हैं। जो कि सूबे में पहली से लेकर दसवीं तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देंगे। मराठी और उर्दू के बाद इनको हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में भी पेश करने की योजना है।