डॉ यादव बताते हैं कि कोरोना काल में मध्य प्रदेश पहला राज्य है, जिसने परीक्षाओं के कार्यक्रमों की घोषणा की है। स्नातक अंतिम वर्ष के 4.30 लाख एवं स्नातकोत्तर के चौथे सेमेस्टर के 1.72 लाख विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे। वहीं स्नातक पहले वर्ष, द्वितीय वर्ष और दूसरे सेमेस्टर के लगभग 18 लाख विद्यार्थी 11.93 लाख परीक्षार्थी प्रदेश के 8 विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होंगे। वर्तमान में 8 शासकीय विश्वविद्यालय में 665 परीक्षा केंद्र के साथ आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त सहपरीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए विश्वविद्यालय को निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों की 50% उपस्थिति के साथ बैठक हो सकती है।
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