फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lunchbox: लंच में मांसाहारी खाना भेजने पर निजी स्कूल ने लगाया प्रतिबंध, विवाद बढ़ने पर कहा कि ‘बस अनुरोध है’

Sun, 11 Aug 2024 04:12 PM IST
मेघा झा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

नोएडा के निजी स्कूल ने फरमार जारी करते हुए अभिभावक को संदेश किया कि बच्चों के लंच में मांसाहारी भोजन न रखें। इस बात पर जब अभिभावकों ने विरोध जताते हुए स्कूल प्रबंधन को शिकायत की तो बाद में उन्होंने इसे एक अनुरोध बता दिया। 
विज्ञापन
लंचबॉक्स प्रतीकात्मक - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

निजी स्कूलों की मनमानी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। आज के निजी स्कूल बच्चे के खाने-पीने से लेकर हर एक चीज को अपने हिसाब से कराना चाहते हैं। स्कूल में बच्चे के लंच में क्या रखा जाए, क्या न रखा जाए इसको लेकर भी कई स्कूलों ने एक नियम बनाया हुआ है। अब हाल ही में एक नया मामला सामने आया है कि एक निजी स्कूल ने बच्चों के अभिभावकों को मैसेज किया है कि वे लंचबॉक्स में मांसाहारी भोजन न रखें।
विज्ञापन


इस मैसेज के आने के बाद कई अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। यही नहीं कई अभिभावकों ने इस बात विरोध जताते हुए विवाद खड़ा कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सेक्टर-132 में स्थित एक स्कूल प्रबंधन की ओर बच्चों के अभिभावकों को वाट्सएप पर संदेश भेजा गया। जिसमें लिखा गया कि “सुबह के समय जब दोपहर के भोजन के लिए मांसाहारी भोजन पकाया जाता है, तो उसके खराब होने की संभावना रहती है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए माता-पिता से अपने बच्चों के दोपहर के भोजन में मांसाहारी भोजन न पैक करने को कहा गया है।

इस संदेश के बाद स्कूल के इस नए नियम पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अभिभावकों ने स्कूल के इस नए फरमार पर खूब विरोध जताया। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह का नियम नहीं माना जाएगा। विवाद जब बढ़ गया तो स्कूल प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। एक वरिष्ठ स्कूल अधिकारी ने कहा, "यह केवल एक अनुरोध था।" जिसके बाद मामला कुछ शांत हुआ।
विज्ञापन


यह बताया था मांसाहारी भोजन न भेजने का कारण
स्कूल प्रबंधन द्वारा भेजे गए संदेश के अनुसार, “सुबह के समय जब दोपहर के भोजन के लिए मांसाहारी भोजन पकाया जाता है, तो उसके खराब होने की संभावना रहती है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, ऐसा संदेश में कहा गया है, जिसमें माता-पिता से अपने बच्चों के दोपहर के भोजन में मांसाहारी भोजन न पैक करने को कहा गया है।” इसमें यह भी कहा गया है कि स्कूल छात्रों की विविधता और समावेशिता को महत्व देता है। सभी छात्र अपनी भोजन संबंधी पसंद के बावजूद एक साथ बैठकर भोजन कर सकें, इसके लिए ऐसा माहौल बनाने पर ध्यान दिया जाता है जिसमें सभी सहज महसूस करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें