लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का नाम बदला जा चुका है। अब इसे उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही इस रेल कॉर्पोरेशन में भर्तियों की भी जानकारी दी गई है।
दरअसल लखनऊ मेट्रो के संबंध में दिल्ली में सोमवार को बोर्ड की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय शहरी आवास सचिव ने की। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की इस बोर्ड बैठक में कानपुर और आगरा मेट्रो के निर्माण के लिए इंजीनियरों की भर्ती का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाओं के लिए करीब 250 इंजीनियरों की जरूरत है।
बैठक में बोर्ड ने इंजीनियरों की भर्ती के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। साथ ही लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन को इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है।
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इस संबंध में लखनऊ मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि अभी निर्माण से जुड़े इंजीनियरों की ही भर्ती होगी। इसमें अवर अभियंता, सहायक अभियंता, सहायक प्रबंधक, उप महाप्रबंधक जैसे पदों पर भर्तियां की जाएंगी। फिर जब निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, तब मेट्रो के संचालन से जुड़े तकनीकी अधिकारियों, इंजीनियरों व कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
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जहां तक लखनऊ मेट्रो का नाम बदलने की बात है, तो उत्तर प्रदेश सरकार ने जून 2019 में ही लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। लेकिन केंद्र की मंजूरी न मिलने के कारण नाम नहीं बदल पा रहा था। अब लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के कार्यालय से नाम में संशोधन कराएगा।
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