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Work Hour: चीन नहीं, दुनिया के इस देश में करना पड़ता है सप्ताह में सबसे अधिक काम; जानें भारत किस पायदान पर

Sat, 11 Jan 2025 10:31 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Long Hour Work Row: लार्सन एंड टूब्रो के चेयरमैन एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कर्मचारियों को सप्ताह में 90 घंटे और यहां तक कि रविवार को भी काम करना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं दुनिया में सबसे अधिक काम करने वाले देशों में भारत किस पायदान पर है।
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Long Hour Work Row - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
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Long Hour Work Row: अपने अध्यक्ष एस.एन. सुब्रह्मण्यन द्वारा कर्मचारियों को प्रति सप्ताह 90 घंटे (रविवार सहित) काम करने के सुझाव पर कड़ी आलोचना का सामना करने के बाद, एल.एंड.टी. ने शुक्रवार को कहा कि अध्यक्ष की टिप्पणी राष्ट्र निर्माण की बड़ी महत्वाकांक्षा को दर्शाती है और "इस बात पर बल देती है कि असाधारण परिणामों के लिए असाधारण प्रयास की आवश्यकता होती है।"

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हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, लंबे समय तक काम करने से आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र की 2021 की एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लंबे समय तक काम करने से आपकी जान भी जा सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने 2021 में एक प्रेस बयान में कहा था, "इतने सारे लोगों को सचमुच अपनी नौकरी की वजह से मरते देखना चौंकाने वाला है। हमारी रिपोर्ट देशों और व्यवसायों के लिए एक चेतावनी है कि वे श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को बेहतर बनाएं और उनकी रक्षा करें।"
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अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार, सबसे अधिक कार्य करने वाले पांच देश

 
देश प्रति सप्ताह कार्य के घंटे
यूएई (UAE)  50.9
भारत (India) 50.3
पाकिस्तान (pakistan)  49.9
बांग्लादेश (Bangladesh)  49.9
चीन (China) 45.7
 
भारत दुनिया भर में सबसे ज्यादा काम करने वाले देशों में से एक है, जहां कामगार दुनिया में सबसे ज्यादा घंटे काम करते हैं। 

संयुक्त राष्ट्र की 2021 की रिपोर्ट में क्या कहा गया

सितंबर 2021 में जारी संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य और श्रम एजेंसियों के संयुक्त मूल्यांकन में 2000 से 2016 तक नौकरी के दौरान होने वाली बीमारियों और चोटों के वैश्विक बोझ को ध्यान में रखा गया था और कहा गया था कि 2016 में दुनिया भर में 1.9 मिलियन मौतें आधिकारिक तौर पर काम से जुड़ी वजहों से जुड़ी थीं।
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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, हाल में ही  लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन ने कर्मचारियों को रविवार को और सप्ताह में 90 घंटे काम करने की वकालत की है।  

सुब्रमण्यन ने कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान कहा, "मुझे खेद है कि मैं आपसे रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूँ। अगर मैं आपसे रविवार को काम करवा पाता, तो मुझे बहुत खुशी होती।" उन्होंने आगे पूछा, "आप घर पर बैठकर क्या करते हैं? आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक घूर सकते हैं?"
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