आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटी को ‘गोमूत्र एक्सपर्ट’ बताने वाले प्रियंका गांधी के बयान पर विवाद बढ़ गया है। उनके खिलाफ एक ऑनलाइन मुहिम शुरू की गई है। इसे 13 अगस्त सुबह 9 बजे तक 14 हजार लोगों का समर्थन मिल चुका है।
शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। साथ ही, प्रियंका से कमेंट वापस लेने और माफी की मांग की गई है। 38 से ज्यादा देशों में रह रहे भारतीय वैज्ञानिकों ने भी इसका समर्थन किया है। दरअसल, एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका ने आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी का नाम लिए बिना कहा था, ‘सरकार की बनाई नई कमेटी में एक्स-आईबी चीफ, आईटी कंपनी के मालिक और गोमूत्र के विशेषज्ञ हैं। गोमूत्र विशेषज्ञ को शिक्षा के बारे में क्या पता होगा।
ऐसी भाषा से छवि को नुकसान
मुहिम शुरू करने वालों ने इस टिप्पणी को व्यक्तिगत और अपमानजनक बताया है। उनका कहना है कि किसी वैज्ञानिक या शिक्षाविद् की आलोचना उसके काम और विचारों के आधार पर होनी चाहिए, व्यक्तिगत टिप्पणी के जरिए नहीं।
- लोगों का कहना है कि इस तरह की भाषा से एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक की छवि को नुकसान पहुंचता है। महिम शुरू करने वालों ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल, सरकार या विचारधारा के समर्थन या विरोध में नहीं है।
- इसका उद्देश्य संसद और सार्वजनिक जीवन में सम्मानजनक भाषा और तथ्यों पर आधारित बहस को बढ़ावा देना है।
कामकोटि ने यह किया था दावा...
2025 में कामकोटि का वीडियो आया था 2025 में प्रो. कामकोटि का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे दावा करते नजर आ रहे थे कि गाय की यूरिन यानी गोमूत्र में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होता है। ये कई बीमारियों को ठीक कर सकता है। इन बीमारियों में आईबीएस या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम भी शामिल है। अपनी बात को साबित करने के लिए प्रो. कामकोटि ने जून 2021 में साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित लेख साझा किया था।