मंत्री के जवाब के अनुसार जिन पदों के खिलाफ इन लोगों को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को भरना एक सतत प्रक्रिया है। जब तक किसी विभाग द्वारा रिपोर्ट की गई रिक्तियों को भरा जाता है, तब तक कुछ नई रिक्तियां उत्पन्न हो जाती हैं। सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों और उनके संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों में कर्मचारी की सेवानिवृत्ति, इस्तीफे, मृत्यु, पदोन्नति आदि के कारण रिक्तियां होती हैं।
केंद्रीय मंत्रालय, विभागों और केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (जिनमें पीएसयू) /स्वायत्त निकायों/ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आदि, या तो सीधे तौर पर या संघ लोक सेवा आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड और कर्मचारी चयन आयोग आदि जैसी भर्ती एजेंसियों के माध्यम से भर्ती करते हैं। मंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को इन रिक्तियों को समय-समय पर भरने के स्थायी निर्देश है। वहीं, एक अलग प्रश्न के उत्तर में, सिंह ने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि रोजगार मेला आगे के रोजगार और स्वरोजगार सृजन में एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता रहेगा और युवाओं को लाभकारी सेवा के अवसर प्रदान करेगा।