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Education: यूपी में 'लर्निंग बाई डूइंग' की पहल, शिक्षक होंगे तकनीकी रूप से दक्ष; पढ़ाई बनेगी अनुभव आधारित

Fri, 01 Aug 2025 11:57 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Learning by Doing: उत्तर प्रदेश में शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए 'लर्निंग बाई डूइंग' कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। इस पहल के तहत शिक्षकों को तकनीकी और प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे कक्षा में पढ़ाई और प्रभावी बन सके।
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यूपी में 'लर्निंग बाई डूइंग' से शिक्षक बनेंगे तकनीकी रूप से सक्षम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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Skill Development: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई को और अधिक प्रभावशाली और रोचक बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसका नाम है ‘लर्निंग बाई डूइंग’ यानी "सीखना करते हुए"। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि शिक्षक केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों को प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाना सीखें।

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इस पहल के तहत राज्य सरकार अब शिक्षकों को भी तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रही है। इसमें विज्ञान और गणित के शिक्षक, तकनीकी अनुदेशक, डायट के मास्टर ट्रेनर, और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाएं शामिल हैं।

शिक्षकों को नए तरीके से पढ़ाने की मिलेगी ट्रेनिंग 

यह प्रशिक्षण लखनऊ के उद्यमिता विकास संस्थान और दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस करना है, ताकि वे कक्षा में बच्चों को अधिक प्रभावी, सरल और रुचिकर तरीके से पढ़ा सकें।

यूनिसेफ और स्टार फोरम-विज्ञान आश्रम के तकनीकी सहयोग से संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त 2025 से शुरू होकर विभिन्न चरणों में 18 मार्च 2026 तक चलेगा। इसमें चार श्रेणियों के प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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इन श्रेणियों के शिक्षक होंगे प्रशिक्षित

विज्ञान और गणित जैसे विषयों को सरल, रोचक और अनुभव आधारित बनाने के लिए 'लर्निंग बाई डूइंग' मॉडल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस उद्देश्य से विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा:
  • मास्टर ट्रेनर (TOT प्रशिक्षण): प्रदेश के प्रत्येक जनपद से विज्ञान विषय के 2 प्रवक्ताओं को 4 दिवसीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (TOT) कार्यक्रम के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • वर्ष 2024-25 के चयनित विद्यालय: 2274 विद्यालयों के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों और तकनीकी अनुदेशकों को 2 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • वर्ष 2025-26 के नवीन चयनित विद्यालय (3288 विद्यालय): इनमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) भी शामिल हैं। इन विद्यालयों के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को 3 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • जिला समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता): विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय हेतु प्रत्येक जनपद के जिला समन्वयकों को 2 और 3 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।

इन तिथियों में होंगे प्रशिक्षित

  • 01-03 अगस्त 2025: मास्टर ट्रेनर्स का 3 दिवसीय टीओटी (Training of Trainers) कार्यक्रम
  • 05-08 अगस्त 2025: मास्टर ट्रेनर्स का 4 दिवसीय गहन प्रशिक्षण
  • 11-14 अगस्त 2025 एवं 18-21 अगस्त 2025: 2274 चयनित विद्यालयों के विज्ञान, गणित शिक्षकों व तकनीकी अनुदेशकों का 2 दिवसीय प्रशिक्षण
  • 22 अगस्त-18 अक्टूबर 2025 और 03 नवम्बर 2025-14 फरवरी 2026: चरणबद्ध जिलावार प्रशिक्षण कार्यक्रम (विभिन्न जिलों के अनुसार)
  • 16 फरवरी-18 मार्च 2026: 3288 नवीन चयनित विद्यालयों (केजीबीवी समेत) के शिक्षकों का 3 दिवसीय प्रशिक्षण
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4000 से ज्यादा शिक्षक होंगे प्रशिक्षित

‘लर्निंग बाई डूइंग’ कार्यक्रम में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षक हिस्सा लेंगे। इसमें 76 डायट प्रवक्ताओं (मास्टर ट्रेनर्स) को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, 2274 स्कूलों से करीब 2074 विज्ञान और गणित के शिक्षक और तकनीकी अनुदेशक प्रशिक्षण लेंगे। वहीं, 2025-26 में चुने गए 3288 नए स्कूलों (जिसमें केजीबीवी भी शामिल हैं) से लगभग 1888 शिक्षक इस प्रशिक्षण में शामिल होंगे। इस चरण में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शिक्षिकाओं को भी जोड़ा जाएगा।

शिक्षा में बदलाव की ओर कदम

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ‘लर्निंग बाई डूइंग’ योजना उत्तर प्रदेश की पढ़ाई को एक नया रूप देने जा रही है। यह कार्यक्रम शिक्षकों को नए और व्यावहारिक तरीकों से पढ़ाने में मदद करेगा। इससे बच्चों को भी पढ़ाई में अधिक रुचि और समझ आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अगुवाई में यह योजना शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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