करिअर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि जेईई मेन के परिणामों का लाखों विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को इंतजार है। जेईई एडवांस्ड की तैयारी के समय परिणामों में यह देरी उचित नहीं है, क्योंकि विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में लगना है।
कई विद्यार्थी ऐसी स्थिति में है कि वे अपनी जेईई एडवांस्ड की कटआफ पात्रता सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि हर साल जेईई-एडवांस्ड की कटऑफ पात्रता में बदलाव आता है, जो कि जेईई मेन परीक्षा में बैठने वाले यूनिक कैंडिडेट की संख्या पर निकाली जाती है। साथ ही ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी-एसटी कैटेगिरी की तो कटऑफ पात्रता में बड़ा बदलाव आता है।
यही नहीं इन दिनों कई बड़े प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कई कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथियां आ गई हैं, जेईई मेन का रिजल्ट नहीं आने की स्थिति में ये विद्यार्थी इन कॉलेजों के लिए आवेदन करें या नहीं इस पर संशय है। मुख्य रूप से वीआईटी की काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। कॉमेडके एवं पीएस बेंगलुरु, मणिपाल, एसआरएम, एनएमआईएमएस, शिवनादार, यूपीईएस आदि की आवेदन प्रक्रियाएं जल्द ही समाप्त हो रही हैं।
ऐसे में विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती है कि वे जेईई मेन के परिणामों को बिना जाने, इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए कैसे शामिल हों, क्योंकि बहुत से विद्यार्थियों को अपनी जेईई मेन के ऑल इंडिया रैंक के आधार पर ही अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन एवं काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए निर्णय लेना पड़ता है।
इधर, कॉलेज भी असमंजस में
आहूजा ने बताया कि केवल जेईई मेन के आधार पर ही देश के कई प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान भी प्रवेश लेते हैं। इनमें एलएनएमआईआईटी, जेपी नोएडा, थापर पटियाला, निरमा अहमदाबाद, धीरूभाई अंबानी अहमदाबाद जैसे प्रमुख संस्थानों की आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि भी मई के दूसरे-तीसरे सप्ताह तक है। जेईई मेन परिणामों में देरी से विद्यार्थी इन संस्थानों के लिए भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।